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बालिका विद्यालय में बालिकाओं को खाना खिलाकर जन्म दिवस मनाया
हरियाढाणा के वैष्णोव मोहल्ले के निवासी वयोवृद्ध 85 वर्षीय एक सम्मानित परदादा सुगनदास वैष्णव ने अपने परपौत्र लक्ष्यित के जन्मदिन को पारंपरिक फिजूलखर्ची से दूर रहकर एक सराहनीय तरीके से मनाया। उन्होंने इस उम्र में ऐसा कदम पहली बार उठाया जो एक बहुत बड़ी खुशी की बात हुई जो आज उन्होंने भव्य पार्टी या महंगे आयोजनों के बजाय स्थानीय बालिका विद्यालय में जाकर सैकड़ों बालिकाओं को खाना खिलाया और उनके बीच केक काटकर जन्मदिन का उत्सव साझा किया।यह आयोजन समाजसेवी बाबू दास वैष्णव, जगदीश वैष्णव ने अपने पिता सुगनदास वैष्णव के संस्कार व आशीर्वाद से अपने पौत्र लक्ष्यित का जन्म दिवस गांव के बालिका विद्यालय में मनाया, जहां वैष्णव अपने परिवार के साथ पहुंचे। उन्होंने विद्यालय की सभी बालिकाओं के लिए स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की और सभी को अपने हाथों से थाली लगाकर खाना भरपेट खिलाया। इसके बाद बालिकाओं के बीच बैठकर केक काटा गया, जिसमें बच्चियां उत्साह से शामिल हुईं। समाजसेवी बाबू दास वैष्णव ने कहा कि गांव में होने वाले जन्मदिनों और अन्य उत्सवों में अक्सर अनावश्यक खर्च होता है, जो समाज के लिए लाभकारी नहीं। इसके विपरीत, बालिकाओं की शिक्षा और खुशी में योगदान देना अधिक पुण्य का कार्य है।इस पहल से विद्यालय की पीईईओ सुरजीतसिंह ,प्रधानाचार्य सोनू बिश्नोई, और शिक्षिकाए राजकुमारी, निर्मला, सरिता,सुमैया अध्यापक रामस्वरूप ने वैष्णव की प्रशंसा की। उन्होंने इसे बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम बताया। बालिकाओं ने भी दादाजी को आशीर्वाद दिया और उत्सव में नाच-गाकर खुशी जाहिर की। इस अनोखी पहल ने गांव में चर्चा का विषय बन गया है। लोग इसे अपनाने की बात कर रहे हैं, ताकि समाज में फिजूलखर्च बंद हो और जरूरतमंदों विशेषकर बालिकाओं के उत्थान पर ध्यान केंद्रित हो। यह आयोजन न केवल जन्मदिन का उत्सव बना, बल्कि सामाजिक संदेश भी दिया कि खुशी साझा करने में ही है।

