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Ajmer News: श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन द्वारा सरवाड़ में विचार गोष्ठी

अतुल्य भारत चेतना (रेखा कुमावत)

लोहागल/अजमेर/राजस्थान। श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन, जिला अजमेर के तत्वावधान में श्री क्षत्रिय सभा भवन, सरवाड़ में एक महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। “जाति और जातिवाद” गोष्ठी का मुख्य विषय था ।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने एकमत से कहा कि जाति भारतीय समाज की एक प्राकृतिक सामाजिक संरचना है, जबकि जातिवाद उसकी विकृति है, जिसने समाज में विभाजन, वैमनस्य और आपसी अविश्वास को जन्म दिया है।

प्रमुख वक्ताओं के विचार

प्रमुख वक्ता भंवर सिंह खिरिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि जाति व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करना संभव नहीं है, लेकिन उसे नकारात्मक दिशा में ले जाने के बजाय सकारात्मक, सात्विक, संयमित और समाजोपयोगी बनाने की आवश्यकता है।

विजय सिंह राठौड़ (जालियां संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक) ने अपने संबोधन में पूज्य तन सिंह के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा: “जब जातीय भाव संगठन, सेवा और समाज हित से जुड़ जाता है, तब वह समाज को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन जाता है। स्वतंत्रता के बाद जातिवाद को समाप्त करने के कई प्रयास हुए, लेकिन आवश्यकता इस बात की है कि जातीय भावना को नकारात्मकता से दूर कर सकारात्मक दिशा में मोड़ा जाए।”

क्षत्रिय समाज की भूमिका

गोष्ठी में स्पष्ट किया गया कि क्षत्रिय समाज का किसी भी जाति या समुदाय से कोई टकराव नहीं है। क्षत्रिय समाज का ऐतिहासिक दायित्व हमेशा से सर्वसमाज की सेवा, सुरक्षा और कल्याण रहा है। वर्तमान में भी क्षत्रिय समाज समस्त समुदायों के साथ मिलकर शिक्षा, सेवा और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दे रहा है।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

कार्यक्रम में निम्नलिखित गणमान्य नागरिकों की गरिमामय उपस्थिति रही:

  • कर्नल रघुवीर सिंह राठौड़
  • शिवराज गुर्जर
  • राहुल मेवाड़ा
  • रामप्रसाद कीर
  • कमलेश रेगर
  • तेजमल पानगडिया
  • रुप चंद पांड्या

साथ ही सर्व समाज के अनेक सम्मानित नागरिक भी उपस्थित रहे।

संकल्प और समापन

गोष्ठी के अंत में सभी उपस्थितजनों ने एक स्वर में जातिवाद का त्याग करने, सात्विक जातीय भाव को अपनाने, सामाजिक समरसता बढ़ाने और सहयोग की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने का संकल्प लिया। यह विचार गोष्ठी सामाजिक एकता, समरसता और सकारात्मक जातीय भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन के इस प्रयास की सर्व समाज में सराहना की जा रही है।

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News Desk

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