Breaking
Sun. Jan 11th, 2026

ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण के साथ रक्षा क्षेत्र की ऊंचाइयों तक पहुंचा उत्तर प्रदेश

ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण के साथ रक्षा क्षेत्र की ऊंचाइयों तक पहुंचा उत्तर प्रदेश

सूरज कुमार तिवारी

संवाददाता बहराइच

बहराइच 03 दिसम्बर दिन बुधवार। उत्तर प्रदेश में निरंतर हो रहे विकास कार्यों ने उत्तर प्रदेश को डेवलपमेन्ट और डिफेन्स का नया प्रतीक बनाया है। यहां की कानून व्यवस्था ने अभूतपूर्व सुधार के साथ देश में एक सुदृढ़ छवि बनायी है। प्रदेश में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन यहां पर कुशल एवं मजबूत नेतृत्व के परिणाम हैं।आज उत्तर प्रदेश किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है।

प्रदेश की राजधानी लखनऊ अब केवल तहजीब का शहर नहीं है, बल्कि यह तकनीक, उद्योग तथा डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग का महत्वपूर्ण केन्द्र बन चुका है। हाल ही में माह अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड में ब्रह्मोस मिसाइल के प्रथम बैच का फ्लैग ऑफ किया जा चुका है। कुछ वर्षों में हम लखनऊ को रक्षा उत्पादन केन्द्र के रूप में विश्व मानचित्र पर चमकते हुए देखेंगे। ये स्वदेशी तकनीक पर आधारित सुपर सोनिक ब्रह्मोस मिसाइल है। यह स्वदेशी निर्माण देश व प्रदेशवासियों के लिए अत्यन्त गौरवपूर्ण है। लखनऊ में निर्मित मिसाइल देशवासियों की सुरक्षा तथा समृद्धि को संरक्षित करने की आश्वस्ति है। यह मिसाइल रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित करता है। इस प्रकार की मिसाइलों की सहायता से भारत स्वयं की रक्षा करने के साथ-साथ मित्र देशों की सुरक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सक्षम है।

गौरतलब है कि प्रदेश में वर्ष 2018 में आयोजित प्रथम इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री जी ने देश में दो डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर की घोषणा की थी। इसमें से उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, झांसी और चित्रकूट आदि 06 नोड में डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं। ब्रह्मोस मिसाइल की लखनऊ यूनिट में इंजीनियरिंग, आई0टी0आई0 तथा पॉलिटेक्निक आदि डिग्री/डिप्लोमा से युक्त युवा योग्यता अनुसार रोजगार प्राप्त कर अपने भविष्य को उज्ज्वल बना रहे हैं। डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के प्रदेश में स्थित 06 नोड में 15,000 से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। यह आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है।

राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के लिए अब तक 2,500 एकड़ से अधिक भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण के साथ-साथ जनपद अमेठी में ए0के0 203 का निर्माण हो रहा है। प्रदेश में वेब्ले स्कॉट रिवॉल्वर का निर्माण भी किया जा रहा है। बताते चलें कि यदि प्रत्येक वर्ष 100 ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्माण होगा तथा आने वाले समय में जब प्रतिवर्ष डेढ़ सौ ब्रह्मोस मिसाइलों के निर्माण की क्षमता उपलब्ध होगी, तो प्रदेश सरकार को प्रत्येक वर्ष डेढ़ सौ से दो सौ करोड़ रुपये जी0एस0टी0 के रूप में प्राप्त होंगे।

अभी वर्तमान में प्रदेश सरकार द्वारा जनपद झांसी में नए इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए 56,000 एकड़ भूमि विकसित की जा रही है। झांसी तथा चित्रकूट में एक्सप्रेस-वे पर डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के नोड स्थित हैं। प्रदेश में डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के लिए आई0आई0टी0 कानपुर तथा आई0आई0टी0 बी0एच0यू0 में सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस पर भी कार्य किया जा रहा है।

Author Photo

सूरज तिवारी

Responsive Ad Your Ad Alt Text
Responsive Ad Your Ad Alt Text

Related Post

Responsive Ad Your Ad Alt Text