देशसेवक फौजी की पैतृक जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश, बॉर्डर से वीडियो अपील: प्रशासन से मांगी मदद
अतुल्य भारत चेतना (किशन सिंह घुरौना)
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रायबरेली: देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले एक जवान ने अपनी पैतृक जमीन को भूमाफियाओं के अवैध कब्जे से बचाने के लिए रायबरेली जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला रायबरेली जिले के डलमऊ तहसील क्षेत्र से जुड़ा है, जहां वर्तमान में सीमा पर तैनात एक भारतीय सेना के जवान (फौजी) ने आरोप लगाया है कि स्थानीय भूमाफिया और प्रभावशाली लोगों ने उनकी पैतृक जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की है। फौजी ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि वह देश की सेवा में ड्यूटी पर होने के कारण खुद मौके पर नहीं पहुंच पा रहे हैं, इसलिए उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं।
फौजी ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से जिला प्रशासन को अपील की है कि उनकी जमीन को भूमाफियाओं से मुक्त कराया जाए और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने कहा, “देश की सेवा के लिए मैं सीमा पर तैनात हूं, लेकिन मेरे परिवार की जमीन बचाने के लिए मुझे प्रशासन की मदद की जरूरत है।”
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या देश की सेवा करने वाले सैनिकों के परिवारों को उनके ही इलाके में सुरक्षा और न्याय नहीं मिल पा रहा? स्थानीय स्तर पर भूमाफियाओं का दबदबा बरकरार रहने के कारण कई बार ऐसे मामले सामने आते हैं, जहां आम नागरिकों के साथ-साथ फौजियों के परिवार भी प्रभावित हो रहे हैं।
जिला प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार शिकायत मिलने पर जांच शुरू की जा सकती है। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह जल्द से जल्द इस मामले की जांच कर सैनिक के परिवार को न्याय दिलाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।

