अतुल्य भारत चेतना (दीपक शर्मा)
आगर मालवा: मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के आमला क्षेत्र में एक नर्सरी को कवर बनाकर अवैध रूप से MD ड्रग्स का उत्पादन किया जा रहा था। नारकोटिक्स विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार तड़के इस गुप्त फैक्ट्री पर छापेमारी कर बड़ी सफलता हासिल की है। छापे में 31 किलो 250 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई, जिसकी स्थानीय बाजार में अनुमानित कीमत 10 करोड़ रुपये है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह 50 करोड़ रुपये से अधिक की हो सकती है। यह जिले में अब तक की सबसे बड़ी नारकोटिक्स कार्रवाई मानी जा रही है।

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मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
नारकोटिक्स विभाग को मुखबिर से जानकारी मिली थी कि आमला क्षेत्र में स्थित तीर्थ नर्सरी से MD ड्रग्स की बड़ी खेप की सप्लाई होने वाली है। इस सूचना के आधार पर उज्जैन सहित कई जिलों से आई संयुक्त टीम ने शनिवार तड़के करीब 4 बजे नर्सरी की चारों ओर से घेराबंदी कर ली। टीम ने सुबह 4:30 बजे परिसर में प्रवेश किया और संदिग्ध तस्करों के आने का इंतजार किया। सुबह 10 बजे तक इंतजार के बाद टीम ने नर्सरी के अंदर गहन तलाशी शुरू की।

नर्सरी में मिली गुप्त लैब और केमिकल्स
तलाशी के दौरान नर्सरी परिसर के भीतर MD ड्रग्स बनाने की एक गुप्त लैब संचालित पाई गई। लैब से तैयार MD ड्रग्स के अलावा करीब 600 किलो विभिन्न रसायन बरामद किए गए। इनमें MDC, MMA, सोडियम कार्बोनेट, ट्रायथाइलामाइन, सोडियम एस और अन्य केमिकल्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, ड्रग्स निर्माण में उपयोग की जाने वाली मशीनें और तकनीकी उपकरण भी जब्त किए गए। अधिकारियों के अनुसार, यह फैक्ट्री अंतरराज्यीय नेटवर्क के माध्यम से ड्रग्स की सप्लाई कर रही थी, जो एक बड़े अवैध व्यापार का हिस्सा लगती है।
रातड़िया परिवार से जुड़ा फार्महाउस
यह नर्सरी रातड़िया बंधुओं के फार्महाउस का हिस्सा बताई जा रही है। हालांकि, छापेमारी के दौरान किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्धों की भूमिका के संकेत मिले हैं। नारकोटिक्स विभाग अब पूरे ड्रग नेटवर्क और सप्लाई चेन की जांच कर रहा है, जिसमें अंतरराज्यीय कनेक्शन की तह तक जाने की कोशिश की जा रही है।
कार्रवाई में शामिल अधिकारी
छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। शाम करीब 5 बजे सीएसपी मोतीलाल कुशवाह और कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय भी घटनास्थल पहुंचे। देर शाम तक जब्त सामग्री की गिनती, पैकेजिंग और दस्तावेजी कार्रवाई जारी रही। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई अवैध ड्रग्स व्यापार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है और आगे भी ऐसी सूचनाओं पर सख्ती बरती जाएगी।
यह घटना मध्य प्रदेश में बढ़ते ड्रग्स व्यापार की समस्या को उजागर करती है, जहां कृषि और नर्सरी जैसे वैध कारोबारों की आड़ में अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। जांच एजेंसियां अब इस मामले में और गिरफ्तारियां करने की संभावना जता रही हैं।

