अतुल्य भारत चेतना(आशीष प्रजापति)
मध्य प्रदेश/निवाड़ी। मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में सरकारी जमीन को हड़पने के प्रयास लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जिला बनने के बाद से जिला मुख्यालय एवं ओरछा स्थित बेशकीमती सरकारी जमीन को भू-माफियाओं एवं अतिक्रमणकारियों से बचाना मुश्किल हो रहा है। इन माफियाओं द्वारा फर्जी रजिस्ट्रियों, फर्जी पट्टों, अवैध तरमीम और अवैध कब्जे के जरिए सरकारी जमीन हड़पने का सिलसिला थम नहीं रहा। कई मामलों में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी हैं, लेकिन नगर की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण जारी है। हाल ही में हर्षमऊ हल्का अंतर्गत तहसीलदार निवाड़ी द्वारा पारित स्टे और बेदखली आदेश के बावजूद अवैध निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा है।

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तहसीलदार के आदेश की अवहेलना: स्टे के बाद भी निर्माण जारी
मामला निवाड़ी तहसील के अंतर्गत हर्षमऊ से जुड़ा है, जहां आवेदक दीपक कुशवाहा द्वारा प्रस्तुत प्रकरण पर तहसीलदार न्यायालय ने 5 मई 2025 को स्पष्ट निर्देश जारी किए थे। आदेश के अनुसार, संबंधित भूमि खसरा नंबर 265/1/1 (रकबा 0.343 हे.) के अंश रकबा को शासकीय दर्ज कर संरक्षित रखने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कब्जाधारियों द्वारा प्रशासनिक आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण प्रारंभ कर दिया गया।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, चैनू और ग्यासी (तनय भगवानदास कुशवाहा) द्वारा लगातार सरकारी जमीन पर कब्जा जमाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्टे आदेश के बाद भी पक्का निर्माण कार्य जारी है, जो सीधे-सीधे शासन के निर्देशों की अवमानना है।
जन सुनवाई में आवेदन, लेकिन कार्रवाई शून्य
आवेदक द्वारा कई बार जन सुनवाई में आवेदन किया गया है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर अवैध निर्माण जारी है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते इस अतिक्रमण को नहीं रोका गया, तो सरकारी जमीन पर स्थायी ढांचा खड़ा हो जाएगा, जिसे हटाना मुश्किल हो जाएगा।

कानूनविदों का मानना है कि तहसीलदार द्वारा जारी स्टे ऑर्डर का उल्लंघन गंभीर अपराध है। इसके लिए जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण हटाया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी शासकीय भूमि पर कब्जा करने की हिम्मत न कर सके।

तहसीलदार का बयान: जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
इस संबंध में तहसीलदार जगदीश रंधावा ने कहा कि इस मामले में पटवारी से मौके की जांच कराकर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, स्थानीय लोगों में प्रशासन की इस मौन और विलंबित प्रतिक्रिया को लेकर गहरा असंतोष है।


यह घटना निवाड़ी जिले में बढ़ते भू-माफियाओं के प्रभाव को दर्शाती है, जहां सरकारी जमीन की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। यदि ऐसे मामलों पर तुरंत अंकुश नहीं लगाया गया, तो जिले की बेशकीमती संपत्ति पर और अधिक खतरा मंडरा सकता है।

