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कृषि विभाग द्वारा पंच गौरव एक जिला एक उपज के तहत आयोजित हुआ कार्यक्रम

कृषि विभाग द्वारा पंच गौरव एक जिला एक उपज के तहत आयोजित हुआ कार्यक्रम

संवाददाता मनमोहन गुप्ता भरतपुर

डीग – जिला डीग में इफको द्वारा नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के क्रांतिकारी उपयोग की जानकारी दी गई। क्षेत्रीय अधिकारी इफको भरतपुर श्याम सुन्दर ने संयुक्त निदेशक रामकुंवर जाट तथा कृषि अधिकारी महिपाल सिंह की उपस्थिति में किसानों को कम लागत में 50% डीएपी बचाने और बेहतर फसल पैदावार के वैज्ञानिक तरीके बताए गए तथा क्षेत्र के अन्नदाताओं को भविष्य की खेती के प्रति जागरूक किया। कृषि जगत के दिग्गज संस्थान इफको द्वारा इस कार्यक्रम में नैनो उत्पादों के माध्यम से खेती की लागत कम करने और फसल की पैदावार बढ़ाने का मंत्र साझा किया गया। अधिकारियों ने वैज्ञानिक तथ्यों के साथ किसानों को समझाया कि कैसे पारंपरिक यूरिया और डीएपी के भारी-भरकम कट्टों के बजाय नैनो तकनीक की छोटी बोतलें अधिक प्रभावी साबित हो रही हैं। श्याम सुन्दर ने बीज उपचार की महत्ता पर जोर देते हुए बताया कि यदि किसान फसल की बुआई के समय 5 मिली प्रति किलोग्राम की दर से नैनो डीएपी से बीजों को उपचारित करते हैं, तो अंकुरण न केवल बेहतर होता है बल्कि फसल की नींव भी मजबूत होती है। वहीं, जब फसल 30 से 35 दिन की हो जाए, तब 5 मिली प्रति लीटर पानी के हिसाब से इसका छिड़काव मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने में क्रांतिकारी बदलाव लाता है। इस पद्धति को अपनाकर किसान दानेदार डीएपी की खपत में 50 प्रतिशत तक की भारी बचत कर सकते हैं, जो न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है बल्कि मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए भी उत्तम है। क्षेत्रीय अधिकारी श्याम सुन्दर ने जानकारी दी कि फसल के 30 से 35 दिन की अवस्था में पहुंचने पर नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का संयुक्त छिड़काव एक शक्तिशाली ‘बूस्टर’ की तरह काम करता है। इस कार्यक्रम में इफको द्वारा ड्रोन से नैनो यूरिया के छिड़काव के बारे में तथा इफको की संकट हरण बीमा योजना के बारे में भी जानकारी दी गई।

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मनमोहन गुप्ता

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