Breaking
Sun. Jan 11th, 2026

वैष्णव बैरागी महासभा केकड़ी द्वारा रामानंदाचार्य जयंती का ऐतिहासिक एवं भव्य आयोजन

अतुल्य भारत चेतना (रेखा कुमावत)

केकड़ी । वैष्णव बैरागी महासभा केकड़ी के अध्यक्ष गोपाल लाल वैष्णव (रणजीतपुरा) के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में जगद्गुरु रामानंदाचार्य की जयंती केकड़ाधीश बालाजी मंदिर, ब्यावर रोड, केकड़ी में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ मनाई गई। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और वैष्णव परंपरा की गरिमा को भी सुदृढ़ करता दिखाई दिया।

भक्ति रस में डूबा संपूर्ण वातावरण
कार्यक्रम के दौरान पुरुष वर्ग द्वारा आयोजित भव्य भजन-कीर्तन एवं महिलाओं द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण संगीतमय कीर्तन ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया। “जय श्री राम” एवं “जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य की जय” के गगनभेदी जयकारों से मंदिर प्रांगण गूंज उठा। श्रद्धालुओं की भक्ति, अनुशासन और सहभागिता ने आयोजन को दिव्य स्वरूप प्रदान किया।

रामानंदाचार्य जी के विचारों का प्रभावशाली संदेश
इस अवसर पर श्री परमेश्वर तिलावत ने जगद्गुरु रामानंदाचार्य के जीवन, उनके आदर्शों, सामाजिक समरसता के संदेश तथा भक्ति आंदोलन में उनके ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार रामानंदाचार्य ने जाति-भेद से ऊपर उठकर समाज को भक्ति, मानवता और समानता का मार्ग दिखाया। उनके ओजस्वी विचारों ने उपस्थित जनसमूह को गहरे रूप से प्रेरित किया।

श्रद्धा के साथ पुष्पांजलि एवं सम्मान
सभी श्रद्धालुओं ने जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य की तस्वीर के समक्ष पुष्प-मालाएं अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। यह क्षण अत्यंत भावुक, प्रेरणादायी एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा, जिसने उपस्थित सभी जनों के मन को भावविभोर कर दिया।

सैकड़ों श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति
इस पावन अवसर पर केकड़ी समाज के लगभग 350 से 400 महिला-पुरुषों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई, जिससे आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता एवं संगठनात्मक एकता का सशक्त संदेश प्रसारित हुआ।

भोजन प्रसादी के साथ उल्लासपूर्ण समापन
पूरे दिन चले इस भव्य एवं अनुशासित आयोजन के उपरांत सायंकाल भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया। महिला, पुरुष एवं बच्चों ने श्रद्धा भाव से प्रसादी ग्रहण कर आयोजन का आनंद लिया। व्यवस्थाओं की उत्कृष्टता, साफ-सफाई एवं सेवा-भाव की सभी ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

श्रद्धा, संस्कृति और संगठन का अनुपम उदाहरण
समग्र रूप से वैष्णव बैरागी महासभा केकड़ी द्वारा आयोजित यह श्री रामानंदाचार्य जयंती समारोह श्रद्धा, भक्ति, संस्कृति और सामाजिक चेतना का अद्भुत संगम सिद्ध हुआ। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा और समाज को एकजुट रखने का सशक्त संदेश देता रहेगा।

Author Photo

News Desk

Responsive Ad Your Ad Alt Text
Responsive Ad Your Ad Alt Text

Related Post

Responsive Ad Your Ad Alt Text