अतुल्य भारत चेतना (शुभम सहारे)
बटकाखापा/छिंदवाड़ा। बटकाखापा थाना क्षेत्र में सट्टा-पत्ता, फूल गेम और अवैध शराब बिक्री जैसी गतिविधियों में कथित रूप से बढ़ोतरी होने से स्थानीय ग्रामीणों में गहरी नाराज़गी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ समय से इन अवैध गतिविधियों में अचानक तेजी आई है, जिससे क्षेत्र का सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।
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ग्रामीणों के अनुसार, कई स्थानों पर खुलेआम सट्टा-पत्ता खेला जा रहा है, वहीं अवैध शराब की बिक्री भी बिना किसी भय के संचालित हो रही है। उनका आरोप है कि इन गतिविधियों का सीधा असर क्षेत्र के युवाओं पर पड़ रहा है, जिससे सामाजिक अव्यवस्था और अपराध की प्रवृत्ति बढ़ने की आशंका है।
इस पूरे मामले में थाना बटकाखापा में पदस्थ टीआई अनिल राठौड़ की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस द्वारा बाजार ड्यूटी के दौरान अवैध वसूली की जाती है, जिसमें वहन करने वालों से 100 रुपये और महा से 500 रुपये लिए जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।
इसके अलावा, क्षेत्र के जंगलों में कथित रूप से हो रहे रेत उत्खनन को लेकर भी असंतोष है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में शिकायतें किए जाने के बाद भी अब तक कोई बड़ी और ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
कुछ स्थानीय पत्रकारों ने भी आरोप लगाया है कि रेत माफिया द्वारा उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई, जिससे स्वतंत्र रूप से खबरों के संकलन में बाधा उत्पन्न हो रही है। हालांकि, इन सभी आरोपों पर पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि बटकाखापा क्षेत्र में चल रही कथित अवैध गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल बहाल हो सके।

