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Sun. Jan 11th, 2026

प्रयागराज में फर्जी मार्कशीट पर चल रही कम्प्यूटर दुकान का एसटीएफ ने किया खुलासा

#Prayagraj 

प्रयागराज के करेली के जीटीबी नगर में रहने वाले मोहम्मद तरुक ने अपनी फर्जी मार्कशीट का वर्क शॉप बना रखा था। इसमें कंप्यूटर प्रिंटर सब मौजूद था, तरुक ने आधा दर्ज लोगों को अलग-अलग कॉलेज की BAMS की फर्जी डिग्रियां दी थी। इसके बदले उसने प्रति व्यक्ति 6-6 लाख रुपए अपने बैंक एकाउंट मे डलवाये थे। 

जानिए किस यूनिवर्सिटी की बनाई मेडिकल की मार्कशीट तरफ का फर्जीवाड़ा यहीं नहीं रुका, उसने खुद की और अपनी पत्नी की भी फर्जी डिग्री बनाई थी। क्लिनिक खोल कर लोगों का इलाज भी कर रहा था। इसने खुद की डिग्री इलेक्ट्रो होम्योपैथीमेडिकल रिसर्च डेवलपमेंट ऑफ इंडिया की बनाई और अपनी पत्नी राशिदा परवीन की उत्तराखंड आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी देहरादून की BAMS की डिग्री और मार्कशीट बनाई थी।

दर्जन भर लोगों को फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाई पकड़े गए तरुक ने अब तक दर्जन भर लोगों को फर्जी मार्कशीट और डिग्री बना कर दी हैं। इसके बदले उसने काफी रकम कमाई है। STF जब इसके क्लिनिक पहुंची तो 50 से ज्यादा अलग-अलग कॉलेज की मार्कशीट और डिग्रियां मिली जो फेक थीं। इसके कम्प्यूटर में भी फर्जी प्रमाण पत्र और डिग्री सेव मिली। एसटीएफ ने कम्प्यूटर खुलवा कर सब कुछ चेक किया है।

ऐसा हुआ भंडाफोड़ फर्जी डॉक्टर बनाने वाले करेली के इस तरुक का राज कैसे खुला? इसके पीछे भी एक दिलचस्प स्टोरी है। दरअसल, तरुक ने मिर्जापुर के जिगना के रहने वाले ब्रह्मानंद को BAMS की फर्जी डिग्री बना कर दी थी। इसके बदले तरुक नें 6 लाख रूपये लिया था। 

STF ने किया खुलासा

जिगना में ब्रह्मानंद अपना क्लीनिक खोल कर इसी डिग्री के बल पर लोगों का इलाज करता था। एक गंभीर मरीज इसके इलाज से मर गया। मरीज की मौत के बाद उस जिले के CMO से शिकायत की गई। पूछताछ शुरू हुई तो ब्रह्मानंद ने सारे फर्जीवाड़े का STF के सामने खुलासा कर दिया। 

STF की रेड ने फर्ज क्लीनिक डाली रेड पूछताछ के बाद ब्रह्मानंद ने खुद फर्जी डिग्री बनाने वाले तररुफ के खिलाफ लिखित शिकायत दी फिर STF ने टीम तैयार करके तरुक के फर्जी क्लीनिक में रेड करके उसको पकड़ा। रेड के दौरान आरोपी भाग न जाए, इसके लिए STF ने टीम बना कर घेराबंदी की। 

65 फर्जी डिग्री और मार्कशीट बरामद

STF के दरोगा गुलजार सिंह यूनिट के प्रभंजन पांडे, अजय सिंह क्लीनिक के अंदर पहुंचे, जबकि यूनिट के सेकेंड टीम के उदय प्रताप सिंह, अनूप राय और कमांडो मोहम्मद नासिर बाहर से घेराबंदी किए थे। आरोपी तररुफ को भनक भी नहीं लगी की कब STF उसके पास पहुंच गई और वो गिरफ्तार हो गया। पकड़े गए तरुक के पास से 65 फर्जी डिग्री और मार्कशीट बरामद हुई हैं।

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देवेश पाण्डेय

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