*भारत के विकास के लिए* *सामाजिक समरसता आज की परम आवश्यकता -पंडित राकेश आचार्य*
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रतनपुर , राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर श्री महामाया बस्ती रतनपुर में हिन्दू सम्मेलन का विशाल आयोजन किया गया।
इस सम्मेलन में आचार्य श्री राकेश जी महाराज तुरंगा आश्रम रायगढ़ मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर विराजमान रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ छत्तीसगढ़ प्रांत के शारीरिक प्रमुख श्री विश्वास जलताड़े ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में संस्कृत भारती के जिला संपर्क प्रमुख श्रीमती साधना तिवारी एवं गायत्री परिवार बिलासपुर युवा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष श्री राजेश देवांगन जी मंच पर उपस्थित रहे।
माँ भारती के चित्र पर दीप प्रज्वलित करने के पश्चात कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर महामाया बस्ती विशाल हिंदू धर्म सम्मेलन के संयोजक पंडित आनंद नगरकर एवं श्रीमती कपिला यादव के द्वारा मंचस्थ अतिथियों का तिलक वंदन करके स्वागत किया गया।
पश्चात विशाल हिंदू धर्म सम्मेलन को संबोधित करते हुए आचार्य राकेश जी ने कहा कि आज हिंदू समाज अलग-अलग धड़ो में बंटा हुआ है, जिसका लाभ अनेक संगठन उठा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप हमारे आसपास ईसाई मिशनरी द्वारा हिंदुओं का धर्मांतरण कराया जा रहा है।आज हमारी आवश्यकता है कि हमको अपने हिंदू भाइयों को जो कल हमारे थे आज हमसे दूर होते चले जा रहे हैं, उनको अपने पास लाना है और यह तभी संभव होगा जब हम अपने मन के अंदर की मलीनता को साफ करते हुए सामाजिक समरसता का भाव प्रत्येक हिंदू जन के मन में पैदा करेंगे., और यही कारण है कि आज हमको इस हिंदू सम्मेलन की आवश्यकता हो रही है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर यह चिंतन किया कि समाज की जो विकृति है वह तभी मिट सकती है जब प्रत्येक हिंदू अपने आसपास के लोगों को गले लगाये. उसके सुख-दुख की चिंता करें। इसलिए हमको सारे मतभेद को भुलाकर के सभी लोगों को साथ लेकर चलना होगा तभी संगठित भारत का निर्माण हो सकेगा।
संघ के छत्तीसगढ़ प्रांत शारीरिक प्रमुख श्री बिस्वास जलताड़े ने अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कहा कि पांच परिवर्तन आज के हमारे समाज के विकास के लिए, हमारे परिवार के लिए राष्ट्रीय उत्थान के लिए आवश्यक है। आज हिंदू कुंभ- करणीय नींद में सोया हुआ है। उसके स्व को जगाने के लिए हमारे जीवन में पांच परिवर्तन लाना है तभी हम अपने नागरिक कर्तव्यों को कुटुंब प्रबोधन को, पर्यावरण की सुरक्षा को जानेंगे समझेंगे।
इस अवसर पर नारी शक्ति के रूप में मंच पर विराजमान श्रीमती साधना तिवारी जिला संपर्क प्रमुख संस्कृत भारती ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति जब जागेगी तभी दुर्गाबाई, लक्ष्मीबाई जैसे अवतार इस धरती पर आएंगे और समाज की विकृतियों को दूर करेंगे इसलिए प्रत्येक नारी सर्वप्रथम अपने परिवार को सुधारने के लिए आगे बढ़ना होगा, अपनी अज्ञानता, अपनी कमजोरी और अपने अंदर के संकोच को दूर करना होगा, तभी भारत माता की जय जयकार होगी।
हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए गायत्री परिवार के युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री देवांगन जी ने कहा कि हिंदू समाज की दिशा और दशा को बदलने के लिए भी गायत्री परिवार की मुखिया पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने अनेक प्रकार के प्रकल्प चलाये जिसमें युवा संगठन के लिए युवा सम्मेलन के माध्यम से सुगठित एवं संगठित समाज को मजबूत किया जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग सह कार्यवाह संतोष यादव जी के मार्गदर्शन में आयोजित इस विशाल हिंदू सम्मेलन में डॉक्टर सुनील जायसवाल, नगर पालिका परिषद रतनपुर के अध्यक्ष श्री लव कुश कश्यप, अनिल चंदेल,के आर कौशिक, लक्ष्मी कश्यप,दुर्गा कश्यप, शंकरलाल पटेल,बिहारी पटेल, प्रशांत यादव शुकदेव कश्यप, दिनेश पांडेय,आनंद पाठक, प्रमोद कश्यप, वार्ड पार्षद श्रीमती इंदु यादव,मनोज पाटले,सुनील अग्रवाल, रविंद्र सोनी, नगर कार्यवाह चंद्र कुमार जायसवाल, अनिल तंबोली, ज्ञानाधार शास्त्री,पंडित विनय पांडे, श्रीमती मीरा शर्मा श्रीमती वर्षा श्रीवास्तव,श्रीमती शिवानी सोनी, श्री दुखीराम सोनी, हेतराम ग्वाल, राजेश यादव, संजीव यादव, संजीव अग्रवाल, शिवकुमार धीवर सहित बड़ी संख्या में सनातनी हिंदू जन उपस्थित रहे। विशाल हिंदू धर्म सम्मेलन का सफल संचालन पंडित अनिल शर्मा ने किया एवं आभार प्रदर्शन कार्यक्रम के संयोजक पंडित आनंद नगरकर के द्वारा किया गया। अंत में भारत माता की आरती एवं खिचड़ी प्रसाद वितरण के साथ ही सर्वे भवंतु सुखिनः के मंगल कामना के साथ इस हिंदू धर्म सम्मेलन का समापन हुआ।

