अतुल्य भारत चेतना (संवाददाता: खुमेश यादव)
लोकेशन/नारायणपुर – नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर में आज बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित कर प्रभारी परियोजना अधिकारी छोटेडोंगर श्रीमती शैंल उसेंडी के द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बाल विवाह रोकथाम हेतु सामूहिक शपथ दिलवाई गई एवं बाल विवाह से होने वाले दुषपरिणाम से विस्तार से अवगत कराया। बताया की बाल विवाह का अर्थ है समाज जहाँ 18 साल से कम उम्र की लड़कियों और 21 साल से कम उम्र के लड़कों का विवाह होता है, जिसे बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 द्वारा भारत में प्रतिबंधित किया गया है, सरकार (महिला एवं बाल विकास मंत्रालय) और विभिन्न संगठन मिलकर लगातार बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के माध्य्म से जागरूकता और रोकथाम के प्रयास करते हुए सघन अभियान चलाया जा रहा हैं, कोई भी व्यक्ति बाल विवाह से सम्बंधित शिकायत 1098 या 112 या 181पर कॉल करके दर्ज करा सकते हैं।

इसे भी पढ़ें (Read Also): Ramdan special; बजाजा मार्केट में आयोजित किया गया रोज़ा अफ्तार।
‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान 27 नवंबर, 2024 को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी द्वारा शुरू किया गया था, जिसका लक्ष्य पूरे देश में जागरूकता बढ़ाकर बाल विवाह की प्रथा को खत्म करना है, और यह अभियान ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ की सफलता से प्रेरित है। यह एक व्यापक राष्ट्रीय पहल है, जो 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने और लड़कियों को सशक्त बनाने के सरकारी दृष्टिकोण के अनुरूप है।

माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना की सफलता से प्रेरित है। वहीं संरक्षण अधिकारी गैर संस्थागत सरिता वंजारी ने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों और बाल विवाह निषेध कानून के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। सभी उपस्थित लोगों को संकल्प दिलाया कि समाज में कहीं भी बाल विवाह नहीं होने देंगे और ऐसी किसी भी घटना की सूचना मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करेंगे। और समाज में व्यापक जागरूकता फैलाकर भारत को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में सक्रिय सहयोग प्रदान करेंगे।
इस अवसर पर सेक्टर पर्यवेक्षक दीक्षा वर्मा, मयारी नाग , गनेश्वरी नाग, कृष्ण कुमार मंडावी,सहित अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

