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पुण्य तिथि पर मराठा शासक बिम्बाजी राव भोसले के प्रतिमा पर जिला मराठा समाज के लोगों ने किया माल्यार्पण एवं पूजन

श्री राम मंदिर रतनपुर के संस्थापक श्रीमंत राजे बिम्बाजी राव भोसले के पुण्य तिथि पर जिला मराठा समाज के सदस्यों ने राजा के प्रतिमा पर किया माल्यार्पण एवं पूजन 

रतनपुर/ बिलासपुर, मराठा शासक बिम्बाजी राव भोसले के पुण्य तिथि 25 दिसंबर को जिला मराठा समाज के लोगों ने रतनपुर रामटेकरी में श्री राम पंचायतन मंदिर स्थित राजा बिंबाजी राव के प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजन किया।

छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध इतिहासकार डाक्टर श्री रमेन्द्रनाथ मिश्र ने बताया कि नागपुर के भोसले राजपरिवार का राजकुमार बिंबाजी राव ने रतनपुर को राजधानी बनाकर सन् 1757 से लेकर सन् 1787 तक छत्तीसगढ़ में राज्य किया। उनके शासनकाल में रतनपुर के साथ ही संपूर्ण छत्तीसगढ़ का सर्वांगीण विकास हुआ

। रायपुर में दुग्धाधारी मंदिर के विकास के लिए निर्माण कार्य के साथ रतनपुर के राम टेकरी में श्रीराम पंचायतन मंदिर का निर्माण, गजकिला के गणेश दरवाजा का निर्माण, सेमर दरवाजा का मरम्मत कार्य जो भास्कर पंत के आक्रमण के समय टूट गया था।

राजा बिम्बाजी राव ने आम जनता के निस्तारी हेतु कुआं बावली का निर्माण , रतनपुर बिलासपुर के बीच आम के वृक्ष का रोपण कार्य ऐसे अनेक जन हित में कार्य किये। उनके शासनकाल में राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक सभी क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ का समुचित विकास हुआ। इसी कारण से रतनपुर की जनता उन्हें देवतुल्य मानती थी।

सन् 1787 दिसंबर में वे खरियार कोमाखान नर्रा जमींदारी का विवाद सुलझाने गये हुए थे, इसी दौरान 25 दिसंबर को उनकी आकस्मिक निधन हो गया। उनके देवलोक गमन के पश्चात उनकी रानी आनंद बाई ने कुछ वर्षों तक राज किया। उसके बाद नागपुर के राजा ने छत्तीसगढ़ में जमींदारी प्रथा को जन्म दिया।

सन् 1830 से 1853 तक रघु जी तृतीय भोसले का शासन रहा। उसके बाद अंग्रेज गवर्नर लार्ड डलहौजी के हड़पनीति के कारण शासन अंग्रेजों के हाथ चला गया। जिला मराठा समाज के सदस्यों ने बताया कि श्री रमेन्द्रनाथ मिश्र की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन प्राप्त कर ही हमने पहली बार श्री मंत राजे बिंबाजी राव के प्रतिमा पर उनके पुण्य तिथि पर माल्यार्पण एवं पूजन किया। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में इस कार्यक्रम को और भव्यता प्रदान की जायेगी।

इस अवसरपर मराठा समाज के नवीन भोसले, भगवंत शिंदे, योगेश भोसले के साथ रतनपुर पोड़ी से भानुप्रताप कश्यप उपस्थित थे।

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प्रमोद कश्यप

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