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पहला प्रवासी राजस्थानी दिवसचर्चा में क्यों?

संवाददाता– जितेन्द्र कुमार
अतुल्य भारत चेतना

जयपुर, राजस्थान: पहला प्रवासी राजस्थानी दिवस 10 दिसंबर, 2025 को जयपुर में मनाया जाएगा, जो राइजिंग राजस्थान पार्टनरशिप कॉन्क्लेव के साथ आयोजित होगा, ताकि अन्य राज्यों और देशों में रहने वाले राजस्थानी प्रवासियों के योगदान को सम्मानित किया जा सके।

मुख्य बिंदु :–
परिचय: यह एक दो दिवसीय सम्मेलन (कॉन्क्लेव) है, जिसे वर्ष 2024 के राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के फॉलो-अप के रूप में आयोजित किया गया है, जिसमें प्रमुख घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्थानों पर पहले से ही निवेशक प्रदर्शनियाँ (investor roadshows) आयोजित की जाएँगी।
उद्देश्य: इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को प्रोत्साहन प्रदान करना और राज्य के प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय एवं बहुपक्षीय संगठनों के साथ संबंधों को सुदृढ़ करना है।
कार्यक्रम: राज्य सरकार प्रवासी राजस्थानी सम्मान पुरस्कार प्रदान करेगी। यह पुरस्कार गैर-निवासी राजस्थानीयों (NRR) को उनके व्यवसाय, विज्ञान, कला, उद्योग, परोपकार, सामाजिक सेवा और संगीत में वैश्विक उपलब्धियों के लिये दिया जाएगा।
महत्त्व: यह कार्यक्रम राजस्थानी प्रवासी समुदाय की उपलब्धियों का उत्सव मनाने और रणनीतिक औद्योगिक सहयोग को प्रोत्साहन प्रदान करने का एक मंच प्रदान करेगा।
यह गैर-निवासी राजस्थानीयों (NRR) को अपनी जड़ों से पुनः जुड़ने और राज्य की वृद्धि तथा विकास में निवेश करने का अवसर प्रदान करेगा।
यह कार्यक्रम राज्य सरकार की NRR नीति 2025 के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य प्रवासी समुदाय के साथ सतत् सहभागिता सुनिश्चित करना और निवेश के लिये एक सहायक वातावरण बनाना है।
अन्य उपाय: राजस्थान सरकार (GoR) ने मार्च 2001 में ‘राजस्थान फाउंडेशन (RF)’ की स्थापना की थी, जो राजस्थान सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1958 के तहत गैर-निवासी राजस्थानीयों (NRR) के साथ स्थायी और सार्थक संबंध बनाए रखने के लिये की गई थी।
प्रवासी भारतीय दिवस (PBD)
परिचय: प्रवासी भारतीय दिवस (PBD) प्रत्येक दो वर्ष में 9 जनवरी को मनाया जाता है, ताकि भारतीय प्रवासी (इंडियन डायस्पोरा) समुदाय के अपने मातृभूमि के प्रति योगदान का उत्सव मनाया जा सके।
18वाँ प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन (PBD) 8 से 10 जनवरी, 2025 तक ओडिशा द्वारा आयोजित किया गया, जिसका विषय था ‘विकसित भारत में प्रवासी भारतीय समुदाय का योगदान’ (Diaspora’s Contribution to a Viksit Bharat)।
पृष्ठभूमि एवं इतिहास: यह द्विवार्षिक उत्सव 1915 के उस दिन की स्मृति में मनाया जाता है, जब महात्मा गांधी, जो सबसे महान प्रवासी (माइग्रेंट) थे, दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे ताकि देश की स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व कर सकें।
PBD सम्मेलन: PBD सम्मेलन की स्थापना सबसे पहले वर्ष 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के तहत की गई थी, ताकि विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय को सम्मानित करने और उनके साथ जुड़ने के लिये एक मंच प्रदान किया जा सके।
प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार (PBSA): यह पुरस्कार, प्रवासी भारतीय कार्यक्रम के तहत प्रदान किया जाता है और यह गैर-निवासी भारतीय (NRI), भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) या उनके द्वारा स्थापित और संचालित संगठन या संस्थान को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।
यह पुरस्कार प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान को सम्मानित करने के लिये दिया जाता है, ताकि विदेशों में भारत की बेहतर समझ बनाई जा सके, भारत के उद्देश्यों का समर्थन किया जा सके और स्थानीय भारतीय समुदाय के कल्याण हेतु कार्य किया जा सके ।

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News Desk

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