अतुल्य भारत चेतना
संवाददाता -जितेंद्र कुमार
जयपुर: वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने शुक्रवार को हरियाणा के यमुनानगर निवासी शिप्रा शर्मा के साथ वैदिक परंपराओं के अनुरूप विवाह के बंधन में बंध गए। जयपुर के ताज आमेर होटल में आयोजित इस भव्य समारोह ने धार्मिक वैभव और आध्यात्मिक उमंग का अनूठा संगम रचा। मुख्य रस्में करीब तीन घंटे तक चलीं, जिसमें 100 से अधिक पंडितों ने मंत्रोच्चारण के साथ वैदिक विधियों का पालन किया। देर रात बारात निकाली गई, जबकि आशीर्वाद समारोह में होटल के कुंदनवन हॉल को तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर सजाया गया था। देशभर से आए साधु-संतों ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद प्रदान किया।
शाही विवाह का वैदिक स्वरूप: 101 पंडितों ने करवाए सात फेरे
शादी की सबसे प्रमुख विशेषता रही वैदिक रीति-रिवाजों का कठोर पालन। इंद्रेश उपाध्याय और शिप्रा शर्मा ने मंडप में सात फेरे लिए, जहां दुल्हन की मांग में सिंदूर भरने की रस्म ने सबका मन मोह लिया। समारोह में 101 पंडितों ने संयुक्त रूप से मंत्रोच्चार किया, जो इस आयोजन को एक दुर्लभ धार्मिक अनुष्ठान का रूप प्रदान करता है। शादी की मुख्य रस्में दोपहर में शुरू हुईं और शाम तक चलीं, जबकि रात्रि में जयमाला और आशीर्वाद का दौर चला। दूल्हा-दुल्हन ने पारंपरिक राजस्थानी और वैदिक वेशभूषा में स्टेज पर शाही एंट्री की, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

शिप्रा शर्मा, जो मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली हैं, ने अपनी सादगी और संस्कारपूर्ण प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। इंद्रेश उपाध्याय, जो वृंदावन में भक्ति कथाओं के माध्यम से लाखों भक्तों को प्रेरित करते हैं, ने इस विवाह को एक आध्यात्मिक यात्रा का प्रतीक बताया। समारोह के दौरान भजन-कीर्तन और रामकथा के अंशों ने माहौल को और भी पवित्र बना दिया।
धीरेंद्र शास्त्री से लेकर कुमार विश्वास तक: सितारों की भरमार
इस शादी में धार्मिक और सांस्कृतिक हस्तियों की उपस्थिति ने इसे और भी खास बना दिया। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री खुद बाराती बनकर पहुंचे और नवदंपति को आशीर्वाद दिया। कवि कुमार विश्वास ने हास्यपूर्ण अंदाज में कहा, “अगला नंबर शादी करने का धीरेंद्र शास्त्री का है,” जिससे पूरा सभागार हंसी से गूंज उठा। अन्य प्रमुख मेहमानों में देवी चित्रलेखा भागवत प्रभु, मशहूर कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य और कई अन्य साधु-संत शामिल रहे। सेलिब्रिटी गेस्ट्स की मौजूदगी ने समारोह को रंगीन बना दिया, जहां योग और हास्य का अनोखा मिश्रण देखने को मिला।

देशभर से सैकड़ों भक्तों ने इस अवसर पर भाग लिया, जो इंद्रेश उपाध्याय की लोकप्रियता का प्रमाण है। सोशल मीडिया पर #IndreshUpadhyayWedding और #ShipraSharmaWedding जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जहां अनसीन फोटोज और वीडियोज की बाढ़ आ गई है। एक वीडियो में दुल्हन की भव्य एंट्री और जयमाला का शाही अंदाज साझा किया गया है, जबकि दूसरे में संतों के आशीर्वाद का भावुक क्षण कैद है।
सोशल मीडिया पर वायरल अनसीन मोमेंट्स: भक्तों में उत्साह की लहर
शादी के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर अनदेखे फोटोज और वीडियोज वायरल हो गए। एक क्लिप में इंद्रेश उपाध्याय की बारात का भव्य दृश्य दिखाया गया है, जहां पारंपरिक ढोल-नगाड़ों के साथ भक्तों ने नाच-गाना किया। एक अन्य वीडियो में धीरेंद्र शास्त्री को दूल्हे के पीछे बैठे हुए देखा जा सकता है, जो सोशल मीडिया पर मीम्स का विषय बन गया। भक्तों ने नवविवाहित जोड़े को बधाई देते हुए लिखा, “ईश्वर आपकी इस नई यात्रा को स्वस्थ, सुखमय और समृद्ध बनाए।” ये पोस्ट्स हजारों व्यूज और शेयर्स बटोर रही हैं, जो इस शादी को एक डिजिटल उत्सव में बदल दिया है।
नया अध्याय: भक्ति और गृहस्थ जीवन का संगम
इंद्रेश उपाध्याय, जिनकी कथाएं वृंदावन से लेकर विश्व स्तर तक लाखों लोगों को भक्ति का संदेश देती हैं, अब गृहस्थ जीवन में प्रवेश कर चुके हैं। यह विवाह न केवल एक व्यक्तिगत मील का पत्थर है, बल्कि आध्यात्मिक जगत के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत। शिप्रा शर्मा के साथ उनकी जोड़ी को भक्त सौभाग्यशाली मान रहे हैं। समारोह के बाद जोड़ा वृंदावन लौटने की तैयारी में है, जहां वे आगामी कथा कार्यक्रमों के माध्यम से भक्तों से जुड़ेंगे।
यह शादी वैदिक संस्कृति की जीवंतता को दर्शाती है, जहां परंपरा और आधुनिकता का सुंदर समन्वय हुआ। भक्तों की कामना है कि यह जोड़ी सदैव सुख-समृद्धि से भरी रहे।

