डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर करोड़ों की ठगी करने वाली गिरोह का एक ठग गिरफ्तार
रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता
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भरतपुर – थाना अटलबंद पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर करोड़ों की ठगी करने वाले संगठित गिरोह के सदस्य मामराज को तकनीकी अनुसंधान और बैंक लेन-देन विश्लेषण के आधार पर गिरफ्तार किया है। आरोपी को जयपुर से पकड़ा गया, जिसके खातों में भारी भरकम वित्तीय ट्रांजैक्शन का खुलासा हुआ है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मामराज और उसके साथी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से लोगों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर डरा-धमकाकर बड़ी रकम हड़पते थे। गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में साइबर ठगी नेटवर्क का हिस्सा होने की बात कबूली है। फिलहाल पुलिस उससे गहन पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान में जुटी है। थानाधिकारी हेमेंद्र चौधरी ने बताया कि पीड़ित गजेन्द्र कुमार ने साईबर थाना में रिपोर्ट दी थी कि 28 अप्रैल 2025 को उन्हें एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को दूरसंचार विभाग का अधिकारी बताकर उनके आधार नंबर से जुड़ी धोखाधड़ी की जानकारी दी। इसके बाद कॉल को ‘साइबर क्राइम अधिकारियों’ को ट्रांसफर किया गया, जिन्होंने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर मानसिक दबाव बनाया। आरोपियों ने व्हाट्सऐप कॉल, ऑडियो-वीडियो चैट और नकली सीबीआई-सुप्रीम कोर्ट दस्तावेज दिखाकर पीड़ित को ‘डिजिटल अरेस्ट’ की स्थिति में लाकर अलग-थलग कर दिया। लगातार धमकियों के बीच पीड़ित के एक्सिस बैंक खाते से 6 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए गैंग के बताए अकाउंट में ट्रांसफर करा लिए गए। पीड़ित की रिपोर्ट पर थाना साईबर पर मुकदमा दर्ज किया गया और अनुसंधान के दौरान आरोपी मामराज पुत्र गजानन्द निवासी छीपों का मौहल्ला (मनोहरपुर, जयपुर) को गिरफ्तार किया गया है।

