अतुल्य भारत चेतना
संवाददाता
जैसलमेर। श्री मिश्री लाल सांवल राजकीय कन्या महाविद्यालय में “देश की आजादी के बाद डॉ. अम्बेडकर के सिद्धांतों और विचारों का व्यावहारिक स्तर पर क्रियान्वयन” विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में भारतीय संविधान, सामाजिक न्याय, समानता तथा बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर के विचारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने विचार कलमबद्ध किए।
इसे भी पढ़ें (Read Also): शहडोल की बेटियों ने रच दिया इतिहास, राष्ट्रीय बास्केटबॉल टीम में हुआ चयन
इसे भी पढ़ें: अप्रैल-मई माह में किन सब्जियों की खेती ज्यादा लाभदायक है?
प्राचार्य डॉ. ललित कुमार का संबोधन
प्राचार्य डॉ. ललित कुमार ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा: “डॉ. अम्बेडकर द्वारा प्रदत्त संविधान को लागू होने की स्मृति में आज का दिन राष्ट्रीय मूल्यों को पुनः याद करने का अवसर है। संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ संवैधानिक कर्तव्यों का पालन करना भी उतना ही जरूरी है। तभी हम विकसित भारत के निर्माण में सार्थक योगदान दे सकेंगे।” उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में ज्ञानवर्धन के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास का भी बेहतरीन अवसर प्रदान करती हैं।
इसे भी पढ़ें: लोन, फाइनेंस और शेयर ट्रेडिंग से जुड़ी पूरी जानकारी
कार्यक्रम का संचालन एवं सहयोग
- संचालन : राम भरत मीणा (सहायक आचार्य, प्राणी शास्त्र)
- विशेष योगदान : गणेश कुमार, कैलाश दान रतनू, संजीव कुमार वर्मा, डॉ. छगन लाल, विनोद कुमार, राजपाल, कुलदीप सिंह कैलाश, धर्मा राम
महाविद्यालय परिसर में डॉ. अम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। छात्राओं ने अपने निबंधों में सामाजिक समानता, शिक्षा में समान अवसर, महिला सशक्तिकरण और संविधान की भावना को जीवन में उतारने जैसे विषयों पर गहन विचार व्यक्त किए। प्राचार्य ने विजेता छात्राओं को पुरस्कार देने की घोषणा की तथा सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान हुआ। महाविद्यालय परिवार ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर को नमन करते हुए संविधान के प्रति अपनी आस्था दोहराई।

