अतुल्य भारत चेतना
ब्युरो चीफ हाकम सिंह रघुवंशी
गंजबासौदा/विदिशा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के चर्च वाली गली, बरेठ रोड स्थित सेवा केंद्र द्वारा सीएम राइज स्कूल गंजबासौदा एवं शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल बासौदा में “वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण एवं पीढ़ियों के मध्य स्नेह संवाद” विषय पर अखिल भारतीय अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।

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2025 में 15.87 करोड़ वरिष्ठ नागरिक, 2050 तक होंगे 32 करोड़ मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी रुक्मणी दीदी एवं ब्रह्माकुमारी रेखा दीदी ने कहा कि भारत में वृद्ध आबादी तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान में 60 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 15.87 करोड़ लोग (कुल जनसंख्या का 11.1%) हैं, जो 2050 तक बढ़कर 32 करोड़ (20%) हो जाएंगे। संयुक्त परिवारों के टूटने, युवाओं के शहरों में पलायन और व्यस्त जीवनशैली के कारण बुजुर्ग अकेलेपन के शिकार हो रहे हैं, जिसका सीधा असर उनके मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

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“बच्चे दादा-दादी से दूर हो रहे, यह दोनों के लिए नुकसानदेह” ब्रह्माकुमारी रेखा दीदी ने भावुक अपील की कि आज सबसे बड़ी क्षति यह है कि बच्चे अपने दादा-दादी, नाना-नानी से अलग हो रहे हैं। वैज्ञानिक अध्ययन बताते हैं कि जिन बच्चों का बुजुर्गों से जुड़ाव रहता है, उनमें भावनात्मक स्थिरता और सामाजिक समझ अधिक होती है। माता-पिता को दोनों पीढ़ियों के बीच सेतु बनना चाहिए। बुजुर्गों के साथ समय बिताना, उन्हें निर्णयों में शामिल करना और बच्चों को उनके अनुभव से जोड़ना जरूरी है।

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राजयोग ध्यान से मिलेगी मानसिक शांति बहनों ने बताया कि राजयोग ध्यान बुजुर्गों को तनाव, अकेलापन और नकारात्मकता से मुक्ति दिलाता है तथा जीवन की गुणवत्ता बढ़ाता है। भारत में वृद्धाश्रम पश्चिमी मॉडल हो सकते हैं, लेकिन हमारी संस्कृति में परिवार और समाज का भावनात्मक जुड़ाव ही असली समाधान है।

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स्कूलों ने किया स्वागत सीएम राइज स्कूल के प्रिंसिपल महेंद्र सिंह रघुवंशी ने कहा कि ऐसे आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए, जिससे बच्चों में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और करुणा का भाव जागृत रहे। शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की प्राचार्य शिल्पांजना शर्मा ने ब्रह्माकुमारी बहनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित रहे। सभी ने बुजुर्गों के प्रति अपने दायित्व को फिर से याद करने का संकल्प लिया।

