साहित्य में प्रमोद कश्यप, पत्रकारिता में बुद्धिसागर सोनी सहित कई रचनाकार सम्मानित
अतुल्य भारत चेतना प्रमोद कश्यप
रतनपुर। ‘कविता चौपाटी से’ मंच बिलासपुर द्वारा नवरात्रि से कार्तिक पूर्णिमा-गुरुनानक जयंती तक चले साहित्यिक आयोजनों का भव्य उत्सव मिलन एवं सम्मान समारोह रविवार को रतनपुर के ऐतिहासिक खुटाघाट बांध किनारे वरिष्ठ साहित्यकारों की गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बिलासपुर, मस्तूरी, रतनपुर एवं जांजगीर क्षेत्र से लगभग 50 साहित्यकार शामिल हुए।
प्रथम सत्र की अध्यक्षता कला एवं विज्ञान महाविद्यालय बलौदा की प्राचार्या डॉ. आरती झा ने की। मुख्य अतिथि बिलासपुर ज्येष्ठ नागरिक संघ के श्री राघवेन्द्र धर दीवान, विशिष्ट अतिथि राज्योत्सव में लाला जगदलपुरी सम्मान प्राप्त डॉ. विनोद कुमार वर्मा एवं महेतरु मधुकर रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ भारती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद विश्वनाथन ने एक घंटे तक मनोरंजक खेल आयोजित किए। कवि सम्मेलन में
जांजगीर के प्रसिद्ध मंच संचालक सुरेश पैगवार
छत्तीसगढ़ी ओज रस के कवि जगतारण डाहिरे (मल्हार)
महेतरु मधुकर, डॉ. विनोद वर्मा, दिलीप दिलफरोस, दुर्गा प्रसाद मेरसा
धनेश्वरी सोनी, एन.के. शुक्ला, शैलेंद्र गुप्ता
दिनेश्वर राव जाधव, श्रीमती जलेश्वरी, शत्रुघ्न जैसवानी ‘शाद’, पूर्णिमा तिवारी ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया।
द्वितीय सत्र की अध्यक्षता डॉ. जी.डी. पटेल ‘पुष्कर’ ने की। मुख्य अतिथि पब्लिक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मस्तूरी की संचालिका मधु मौर्य, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार काशीराम साहू एवं न्यू प्रेस एसोसिएशन रतनपुर अध्यक्ष यूनूस मेमन रहे।
सम्मानित रचनाकार
डॉ. विनोद कुमार वर्मा — विशेष साहित्य सम्मान
राघवेन्द्र धर दीवान — भामाशाह सम्मान
बुद्धिसागर सोनी (रतनपुर) — पत्रकारिता के क्षेत्र में नारद सम्मान
‘कविता चौपाटी से’ की 56वीं कड़ी में रतनपुर के वरिष्ठ साहित्यकार प्रमोद कश्यप की दो नई कविताओं का लोकार्पण अतिथियों ने किया। उन्हें शाल, श्रीफल एवं प्रमाण-पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कश्यप ने अपनी दोनों कविताओं का पाठ कर खूब वाहवाही लूटी। आस्था कश्यप एवं काशीराम साहू ने भी काव्य पाठ किया जिसे श्रोताओं ने सराहा।
डॉ. जी.डी. पटेल एवं मधु मौर्य ने ‘कविता चौपाटी से’ के आयोजन एवं रतनपुर के साहित्यकारों के सहयोग की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम का संचालन महेश श्रीवास ने तथा आभार अश्विनी पांडेय ने किया। रतनपुर से भानू प्रताप कश्यप, आशाराम कश्यप, कन्हैया कश्यप, गोवर्धन कश्यप सहित अनेक साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। इस आयोजन ने रतनपुर को एक बार फिर साहित्यिक नगरी के रूप में स्थापित किया।