अतुल्य भारत चेतना
डॉ. मीरा पराड़कर
छिंदवाड़ा। जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर जन अभियान परिषद द्वारा पी जी कॉलेज सभागार छिंदवाड़ा में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम अंतर्गत संचालित एमएसडब्ल्यू, बीएसडब्ल्यू क्लास में जनजाति गौरव दिवस का आयोजन किया गया।

प्रमुख उपस्थितजन
- मुख्य अतिथि: गगन कोल्हे जी
- जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक: अखिलेश जैन
- समाज सेवी परामर्शदाता: रोटे विनोद तिवारी
- लता नागले
- तृप्ति सिंह
- जय प्रकाश सूर्यवंशी
- आशीष साहू

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कार्यक्रम की शुरुआत
बिरसा मुंडा जी के चित्र पर तिलक एवं पुष्पमाला अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित कर की गई।
जिला समन्वयक अखिलेश जैन का उद्बोधन
जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक अखिलेश ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि पूरे मध्य प्रदेश के 313 विकासखंड में भगवान बिरसा मुंडा जन्म जयंती मनाई जा रही है। इसी क्रम में छिंदवाड़ा पांढुर्णा जिले के 11 विकास खंड में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम अंतर्गत संचालित कक्षाओं में आयोजन किया गया। भगवान विरसा मुंडा जी की जीवनी पर प्रकाश डाला गया एवं उनके द्वारा किए गए समाज के लिए जल जंगल जमीन एवं आदिवासी समाज के लिए अधिकार की लड़ाई का वर्णन किया गया।

मुख्य अतिथि गगन कोल्हे का उद्बोधन
धरती के आवा बिरसा मुंडा जी के स्वतंत्रता संग्राम संघर्ष में किए गए योगदान को स्मरण किया और आदिवासी समाज में जागृति लाने की उनकी भूमिका को रेखांकित किया। मुंडा जी ने समुदाय ही नहीं, बल्कि पूरे जनजातीय समाज में एक नई जागृति पैदा की।

परामर्शदाता श्री विनोद तिवारी का उद्बोधन
बिरसा मुंडा ने अपने अल्प जीवन में जनजातीय समाज के हक और स्वाभिमान के लिए जो लड़ाई लड़ी, वह आज भी प्रेरणास्रोत है। बिरसा मुंडा केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुधारक भी थे।
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लता नागले का उद्बोधन
बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और उनके आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। आदिवासियों को शराब, कुरीतियों और आपसी वैमनस्यता से दूर रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में समाज सेवी, परामर्श दाता, बी एस डब्ल्यू, एम एस डब्ल्यू के छात्रों की विशेष उपस्थिति रही।

