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Sat. Jan 10th, 2026

Chattisgarh news; आस्था एवं श्रद्धा भाव से मनाया गया महाशिवरात्रि का पर्व

शिवालयों में लगी रही भक्तों की कतार

अतुल्य भारत चेतना
प्रमोद कश्यप

रतनपुर। लहुरी काशी के नाम से विख्यात धर्म नगरी रतनपुर प्राचीन काल से ही शिव और शक्ति की साधना स्थली रही है। शक्ति के रूप में जहां आदिशक्ति मां महामाया विराजमान हैं, वहीं बारह ज्योतिर्लिंग स्वरूप बारह स्वम्भू शिवलिंग भी विभिन्न जगहों पर यहां विराजित हैं। जिनमें वृद्धेश्वर नाथ बुढ़ा महादेव, रत्नेश्वर महादेव, सूर्येश्वर महादेव, सोमेश्वर महादेव, कंठीदेवल, आदि महादेव मंदिर है। इनकी महिमा निराली है।

वृद्धेश्वर महादेव जो जटा के रूप में प्रकट हैं इसमें लाखों करोड़ों घड़े जल अर्पित किया जाये फिर भी जल कहां जाता है पता नहीं चलता। उसी तरह रत्नेश्वर महादेव मंदिर के शिवलिंग का आकार लगातार बढ़ते जा रहा है। जो सदैव भक्तों की मनोकामना पूरी करने वाले हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर नगर के सभी शिव मंदिरों में सुबह से रात्रि तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। हर हर महादेव के जयकारे के साथ भक्त जन बड़े ही श्रद्धा भाव से दर्शन एवं पूजन कर अपने जीवन को धन्य किये। नगर के सभी मोहल्लों में शिव भक्तो ने दिन भर महाशिवरात्रि का व्रत रखा और रात में आशुतोष भगवान शंकर की पूजा कर फलाहार ग्रहण किए। पूरी रात नगर के विभिन्न शिव मंदिरों में रात्रि जागरण शिव पार्वती विवाह के प्रसंग पर मानस गायन, वासंती भजनों का गायन एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। रत्नेश्वर महादेव मंदिर में भी पुजारियों के तत्वावधान में मानस गायन का कार्यक्रम रखा गया जिसमें मोहल्ले के मानस मंडलियों ने भाग लिया और पूरी रात्रि संगीतमय भजनो का गायन हुआ।

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News Desk

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