मुख्यमंत्री द्वारा भोपाल से किया गया रथ का शुभारंभ, किसानों तक पहुंचेगी आधुनिक कृषि तकनीक
अतुल्य भारत चेतना (राजेन्द्र श्रीवास)
कन्नौद/देवास। मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 को ‘कृषि वर्ष’ के रूप में मनाए जाने के उपलक्ष्य में आज प्रदेशभर में कृषि रथ संचालन कार्यक्रम की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री के कर-कमलों द्वारा भोपाल से कृषि रथ का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस रथ का मुख्य उद्देश्य कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों (पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य पालन आदि) में नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों, सुधारों एवं योजनाओं की जानकारी सीधे किसानों तक पहुंचाना है। साथ ही किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना है।

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कृषि रथ संचालन की रूपरेखा
प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि जायद, खरीफ एवं रबी फसलों की बुवाई से पूर्व प्रत्येक विकासखंड में प्रति सीजन एक कृषि रथ चलाया जाएगा। इस रथ के माध्यम से निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर फोकस किया जाएगा:
- जैविक खेती एवं प्राकृतिक खेती का क्षेत्र विस्तार
- मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का प्रचार-प्रसार
- एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन
- कीट एवं रोग प्रबंधन
- कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उपाय
- फसल विविधीकरण को बढ़ावा
- विभागीय विभिन्न कृषि योजनाओं का प्रचार-प्रसार
- प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के अंतर्गत ई-टोकन आधारित उर्वरक वितरण व्यवस्था
- पराली प्रबंधन एवं अन्य आधुनिक कृषि तकनीकें
कन्नौद में शुभारंभ समारोह
कन्नौद में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि हुकम पटेल, राजेश जोशी, दीपक अग्रवाल, राजू खत्री, राजेश टाइगर, गुड्डू माली सहित अन्य गणमान्य जन प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस अवसर पर निम्नलिखित अधिकारी एवं कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे और कार्यक्रम का संचालन किया:
- तहसीलदार अंजली गुप्ता
- वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी दिनेश भावसार
- जितेंद्र जाट, प्रदीप इवने, अनिल पवार, अभिषेक मालवीय, संदीप जाट, दिनेश चौहान, धर्म सिंह रुहेला, राहुल मरकाम, राकेश तामूलकर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी
यह पहल किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने, उत्पादकता बढ़ाने, लागत कम करने और कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। कृषि रथ के माध्यम से न केवल सरकारी योजनाओं का प्रभावी प्रचार होगा, बल्कि किसानों की स्थानीय समस्याओं का भी त्वरित समाधान संभव होगा। मध्य प्रदेश सरकार का यह प्रयास वर्ष 2026 को वास्तव में कृषि वर्ष बनाने और किसान कल्याण एवं समृद्धि की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करने वाला साबित होगा।

