1000 वर्ष पुराने नीलकंठेश्वर मंदिर का दर्शन, सोमनाथ के गौरव पुनर्स्थापना पर मुख्यमंत्री की विशेष शुभकामनाएं
अतुल्य भारत चेतना (ब्यूरो चीफ- हाकम सिंह रघुवंशी)
विदिशा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 जनवरी 2026 को विदिशा जिले के गंजबासौदा के निकट उदयपुर गांव स्थित प्राचीन नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की खुशहाली, सुख और समृद्धि की कामना की तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को सोमनाथ मंदिर के गौरव को पुनर्स्थापित करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

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नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में पूजन-अर्चना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की प्रतिमा पर दूध, दही और पंचामृत से जलाभिषेक किया तथा विधिवत पूजन-अर्चना संपन्न की। उन्होंने मंदिर की प्राचीनता और भव्यता की सराहना करते हुए कहा कि यह 1000 वर्ष से अधिक पुराना ऐतिहासिक स्थल है, जिसकी नक्काशी खजुराहो मंदिरों से मिलती-जुलती है।



यह मंदिर भारतीय स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है और परमार वंश के राजा उदयादित्य (महाराज भोज के पुत्र) द्वारा 11वीं शताब्दी में निर्मित किया गया था। मंदिर की एक अनोखी विशेषता यह है कि सूर्य की पहली किरण सीधे गर्भगृह में स्थित शिवलिंग पर पड़ती है, जो इसे खगोलीय और गणितीय ज्ञान का अद्भुत संयोजन बनाती है।
यहां प्रत्येक महाशिवरात्रि पर 5 दिवसीय विशाल मेला आयोजित होता है, जहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस अद्भुत पुरातत्व संपदा को धार्मिक आस्था और पर्यटन की दृष्टि से और अधिक सशक्त बनाने के लिए आवश्यक सभी कार्य किए जाएंगे। साथ ही, पुरातत्व प्रेमियों के लिए यहां ज्ञान का एक केंद्र विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर विशेष बधाई
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सनातन संस्कृति की पुनर्स्थापना का कार्य निरंतर चल रहा है। अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर, उज्जैन में महाकाल महालोक और वाराणसी में काशी विश्वनाथ की भव्यता से विश्व आलोकित हो रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का जिक्र किया। जनवरी 1026 में महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर पहला आक्रमण हुआ था, जिसके ठीक 1000 वर्ष पूरे होने पर वर्ष 2026 को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। यह पर्व सोमनाथ की सहनशीलता, पुनरुत्थान और निरंतरता का प्रतीक है। साथ ही, मंदिर के वर्तमान स्वरूप के निर्माण के 75 वर्ष भी 2026 में पूरे हो रहे हैं।
यह पर्व सनातन संस्कृति की ध्वजा को अनंत ऊँचाइयों पर ले जाएगा तथा 1000 वर्षों के उतार-चढ़ाव के बावजूद मंदिर की भव्यता और गौरव को रेखांकित करेगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को इस अभियान के लिए पुनः बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अतीत की घटनाओं को स्मरण करते हुए भविष्य की दृष्टि से देश को मजबूत बनाया है और विश्व पटल पर भारत की गरिमा बढ़ाई है।
मौजूद प्रमुख जनप्रतिनिधि
कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, जिले के प्रभारी मंत्री लखन पटेल, सागर सांसद श्रीमती लता वानखेड़े, कुरवाई विधायक हरी सिंह सप्रे, बासौदा विधायक हरी सिंह रघुवंशी, विदिशा विधायक मुकेश टंडन सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बासौदा विधायक हरि सिंह रघुवंशी की माता जी को सभी ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
यह दौरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि मध्यप्रदेश सरकार की प्राचीन मंदिरों के संरक्षण एवं विकास के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। जय जय महादेव! 🇮🇳

