Breaking
Sun. Jan 11th, 2026

अमरवाड़ा: प्रधानपाठिका पर अभद्रता तथा मीडिया से बदसलूकी के आरोप, ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

अमरवाड़ा स्कूल विवाद: प्रधानपाठिका पर मीडिया से की बदसलूकी का आरोप, ग्रामीण बोले- महिला स्टाफ के नाम पर मनमानी

छिंदवाड़ा: बच्चों का भविष्य दांव पर! स्कूल में पढ़ाई-खाना दोनों ठप, शिकायत पर प्रधानपाठिका भड़कीं, पत्रकारों से की बदसलूकी, तेंदनी माल स्कूल की प्रधानाध्यापिका पर गंभीर आरोप

अतुल्य भारत चेतना (शुभम सहारे)

अमरवाड़ा (छिंदवाड़ा): मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा विकासखंड के अंतर्गत आने वाली प्राथमिक शाला तेंदनी माल एक बार फिर गंभीर विवादों में घिरी हुई है। ग्रामीणों की लगातार बढ़ती शिकायतों के बीच जब स्थानीय मीडिया टीम स्कूल की वास्तविक स्थिति जानने पहुंची, तो प्रधानपाठिका शीला संग्रामिया ने न केवल सुधार के प्रयास किए, बल्कि मीडिया कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में केवल महिला स्टाफ होने का दुरुपयोग कर मनमानी की जा रही है, जिससे बच्चों की शिक्षा और पोषण दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

मीडिया से बदसलूकी का आरोप

ग्रामीणों द्वारा बार-बार की जा रही शिकायतों के बाद जब संवाददाता टीम स्कूल परिसर पहुंची, तो प्रधानपाठिका शीला संग्रामिया अपना संयम खो बैठीं। बातचीत के दौरान उनका लहजा बेहद असभ्य और गैर-जिम्मेदाराना रहा। उन्होंने पत्रकारों से बदतमीजी की और सवालों पर भड़क उठीं। यह घटना तब हुई जब ग्रामीण स्कूल की खस्ताहाल इमारत, बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता और अन्य अनियमितताओं पर गंभीर सवाल उठा रहे थे।

ग्रामीणों का मुख्य आरोप: ‘महिला स्टाफ के नाम पर मनमानी’

ग्रामीणों ने बताया कि इस प्राथमिक शाला में तीनों शिक्षिकाएं महिलाएं हैं। वे पुरुष शिक्षक न होने का हवाला देकर ग्रामीणों को स्कूल परिसर में प्रवेश करने से रोकती हैं और अपनी मनमानी चलाती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यहां पढ़ाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। बच्चों को ठीक से पढ़ाया नहीं जाता और स्कूल की व्यवस्था पूरी तरह लापरवाह है।

मध्यान्ह भोजन में अनियमितता

ग्रामीणों का सबसे गंभीर आरोप मध्यान्ह भोजन (Mid-Day Meal) को लेकर है। उनका कहना है कि MDM कभी भी निर्धारित मेनू के अनुसार नहीं बनाया जाता। बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जो उनके भविष्य पर सीधा असर डाल रहा है।

पहले भी हुई जांच, लेकिन कोई सुधार नहीं

यह पहली बार नहीं है जब इस शाला पर सवाल उठे हैं। पहले भी कई बार शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। मीडिया में खबरें आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने दो दिनों तक स्कूल का निरीक्षण किया था, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार जांच का स्कूल संचालन और शिक्षिकाओं के व्यवहार पर कोई असर नहीं पड़ा। स्थिति जस की तस बनी हुई है और मनमानी जारी है।

एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर कहा,
“हम चाहते हैं कि हमारे बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और उन्हें पौष्टिक भोजन मिले, लेकिन यहां शिकायत करने पर ही विवाद खड़ा कर दिया जाता है। प्रशासन को अब सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”

अब सवाल यह है…

शिक्षा विभाग की नाक के नीचे चल रही इन अनियमितताओं पर उच्च अधिकारी क्या कदम उठाते हैं? क्या इस प्राथमिक शाला में सुधार होगा या ग्रामीणों के नौनिहालों का भविष्य इसी तरह अंधकार में धकेला जाता रहेगा? इस मामले पर विभागीय स्तर पर त्वरित जांच और उचित कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

Author Photo

News Desk

Responsive Ad Your Ad Alt Text
Responsive Ad Your Ad Alt Text

Related Post

Responsive Ad Your Ad Alt Text