जसपुर क्षेत्र में लकड़ी व्यापार के नाम पर फर्जी फर्में बनाकर करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करने के मामले में यूपी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसआईटी टीम ने गिरोह के एक सदस्य अरशद अली को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ बीते वर्ष मुरादाबाद कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
जानकारी के अनुसार, राज्य कर रेंज मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) के उपायुक्त कार्यालय के प्रधान सहायक अरविंद कुमार ने 14 जुलाई 2025 को जीएसटी चोरी से संबंधित मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी टीम फर्मों के पंजीकरण, कारोबार, मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और अन्य अभिलेखों की गहन जांच कर रही थी।
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इसी क्रम में एसआईटी टीम बीते दिन मोहल्ला नईबस्ती चांद मस्जिद निवासी अरशद अली के घर पहुंची। पूछताछ के दौरान अरशद ने स्वीकार किया कि वह अपने मोहल्ले में रहने वाले अमान और अहतेशाम के साथ मिलकर जीएसटी से संबंधित काम करता था। तीनों ने मिलकर कुल 22 फर्जी फर्में बनाई थीं।
आरोप है कि इन फर्मों के नाम से लकड़ी का कारोबार दिखाया गया और फर्जी बिल तैयार कर सरकार को जीएसटी में भारी चूना लगाया गया। अब तक इस गिरोह ने करीब 1.20 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) गलत तरीके से प्राप्त कर लिया।
एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अरशद अली को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, मामले में शामिल उसके अन्य साथियों की तलाश में एसआईटी टीम लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।

