खतरनाक झूलों पर भीड़, प्रशासन मौन
गुदरिया मेले में बिना अनुमति चल रहा मौत का कुआं
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धौरहरा, खीरी।कोतवाली धौरहरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुदरिया में आयोजित वार्षिक मेले में नियम-कायदों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों की जानकारी में मामला आने के बाद भी मौत का कुआं, ब्रेक डांस, बड़ी नाव और ऊंची हाइट के झूले बिना किसी वैधानिक अनुमति के लगातार संचालित हैं, जिससे बड़े हादसे की आशंका गहराती जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत गुदरिया में प्रतिवर्ष जनवरी माह में लगभग 15 दिनों के लिए वार्षिक मेले का आयोजन किया जाता है। मेले के संचालन हेतु एक पंजीकृत मेला कमेटी भी गठित है, जिसे प्रतिवर्ष ग्रामीण परिवेश से जुड़े परंपरागत झूले, घरेलू उपयोग की सामग्री, गर्म कपड़े व खान-पान के स्टॉल लगाने की अनुमति प्रशासन द्वारा दी जाती रही है।
बताया गया कि मेला कमेटी द्वारा 1 जनवरी को नींव पूजन कर 5 जनवरी से मेले का विधिवत शुभारंभ कराया गया। लेकिन अनुमति की शर्तों के विपरीत मेले में अत्यंत जोखिमपूर्ण मनोरंजन साधनों—मौत का कुआं, ब्रेक डांस, बड़ी नाव और ऊंची हाइट के झूले—स्थापित कर दिए गए, जिनकी किसी सक्षम अधिकारी से स्वीकृति नहीं ली गई।
इन खतरनाक झूलों पर प्रतिदिन युवाओं व बच्चों की भारी भीड़ जुट रही है। न तो सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है और न ही तकनीकी जांच या आपातकालीन व्यवस्था दिखाई दे रही है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा।
सबसे गंभीर पहलू यह है कि मामला प्रशासनिक अधिकारियों की जानकारी में आने के बाद भी झूलों का संचालन बदस्तूर जारी है। इससे जिम्मेदारों की चुप्पी पर सवाल खड़े हो रहे हैं और स्थानीय लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म है, लेनदेन की बाते चर्चा का विषय बनी है, जान की परवाह न करके सेटल में काम जारी होने की हो रही चर्चा।
इस संबंध में जब उपजिलाधिकारी धौरहरा शशिकांत मणि से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि वे क्षेत्रीय लेखपाल से जानकारी कर रहे हैं, हालांकि इसके बावजूद मौके पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है।

