अतुल्य भारत चेतना (संवाददाता- मेहरबान अली कैरानवी)
देहरादून। आर्मी स्किलिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (ASCE), रायवाला, देहरादून ने 5 जनवरी 2026 को योग और वेलनेस के क्षेत्र में अपने 50 वर्षों के अभूतपूर्व योगदान के लिए प्रसिद्ध योग वैज्ञानिक डॉ. बी. इस्लाम कैरानवी को एक प्रतिष्ठित स्मृति चिन्ह (मेमेन्टो) प्रदान कर सम्मानित किया।

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यह सम्मान भारत को विश्व की स्किलिंग कैपिटल बनाने की दिशा में काम कर रही इस अग्रणी सैन्य संस्था द्वारा योग के माध्यम से सैनिकों के शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य एवं प्रदर्शन में सुधार के महत्व को रेखांकित करता है।

डॉ. कैरानवी का विशेष योगदान
कार्यक्रम के दौरान डॉ. बी. इस्लाम कैरानवी ने ASCE रायवाला में प्रशिक्षण प्राप्त पूरे भारत से आए एलिट मिलिट्री कर्मियों के साथ मिलकर एक अद्यतन एवं एक्सपोर्ट-क्वालिटी योग तकनीक का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया। यह तकनीक उनकी 50 वर्षों की गहन शोध, प्रयोग और अनुभव पर आधारित है, जिसमें योग को सैन्य प्रशिक्षण के साथ प्रभावी ढंग से जोड़ा गया है।

डॉ. कैरानवी ने योग को मात्र शारीरिक व्यायाम तक सीमित न रखते हुए इसे मनो-शारीरिक चिकित्सा (Psycho-Physio-Therapeutic) के रूप में विकसित किया है, जो सैनिकों में तनाव प्रबंधन, एकाग्रता, सहनशक्ति और त्वरित रिकवरी जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को मजबूत करने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
सम्मान के पीछे की मान्यता
यह प्रतिष्ठित स्मृति चिन्ह ASCE रायवाला के कमांडेंट तथा सभी रैंकों के द्वारा सर्वसम्मति से डॉ. कैरानवी के योग और समग्र वेलनेस के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान को स्वीकार करते हुए प्रदान किया गया। संस्थान का मानना है कि आधुनिक युद्ध और ऑपरेशनल तैयारियों में सैनिकों का मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक संतुलन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना हथियारों का प्रशिक्षण।

योग के माध्यम से सैनिकों में अनुशासन, धैर्य और तनाव-मुक्त दृष्टिकोण विकसित करना आज की आवश्यकता है, और डॉ. कैरानवी की विशेषज्ञता इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।
ASCE रायवाला का योगदान
आर्मी स्किलिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, रायवाला भारत सरकार और भारतीय सेना की उस महत्वाकांक्षी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश को वैश्विक स्तर पर स्किल डेवलपमेंट की राजधानी बनाना है। यह केंद्र न केवल सैन्य कौशल, बल्कि समग्र व्यक्तित्व विकास, स्वास्थ्य, वेलनेस और आधुनिक तकनीकों पर भी विशेष ध्यान देता है। योग को मुख्यधारा में लाकर सैनिकों के प्रदर्शन को बढ़ाना इसी दिशा में एक सराहनीय कदम है।
यह सम्मान न केवल डॉ. बी. इस्लाम कैरानवी की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय सेना में योग को संस्थागत मान्यता देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी माना जा रहा है।
जय हिंद! 🇮🇳

