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स्वामी विवेकानंद की जयंती पर अभाविप आयोजित करेगी ‘युवा दिवस’ के विभिन्न कार्यक्रम

अतुल्य भारत चेतना (भूपेन्द्र कुमार रायकवार)

झाँसी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् कानपुर प्रान्त के नवनिर्वाचित प्रान्त मंत्री श्री दिनेश यादव के झाँसी प्रथम आगमन पर कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने को मिला। बुन्देलखण्ड महाविद्यालय से होते हुए इलाईट चौराहा , बस स्टैंड होते हुए बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय तक कार्यकर्ताओं ने पुष्पमालाओं, भारत माता की जय एवं विद्यार्थी परिषद् के गगनभेदी नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर झाँसी महानगर, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय इकाई स्तर के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जो यह दर्शाता है कि विद्यार्थी परिषद् आज भी राष्ट्रवादी विचारधारा के सबसे सशक्त छात्र संगठन के रूप में कार्य कर रहा है।
स्वागत के उपरांत प्रान्त मंत्री श्री दिनेश यादव ने कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठक की, जिसमें 10 जनवरी से 23 जनवरी तक आयोजित होने वाले युवा कुम्भ, नवीन शैक्षणिक सत्र में परिषद् की भूमिका, शैक्षणिक परिसरों की वर्तमान स्थिति तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् किसी सत्ता-केंद्रित उद्देश्य से संचालित संगठन नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र, समाज और शिक्षा के मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित विचाराधारित छात्र आंदोलन है, जो संगठित छात्रशक्ति को राष्ट्रनिर्माण की दिशा में निरंतर प्रेरित करता है।”
उन्होंने बताया आज जब शिक्षा के क्षेत्र में देशविरोधी वामपंथी और विघटनकारी विचारधाराएँ छात्र-छात्राओं को भ्रमित करने का प्रयास कर रही हैं, ऐसे समय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् राष्ट्रवादी चेतना के साथ विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है। परिषद् का कार्यकर्ता केवल अपनी सुविधा के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रहित सर्वोपरि के भाव से साथ कार्य करता है।
प्रान्त मंत्री ने वीर अभई की नगरी उरई में संपन्न हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् कानपुर प्रान्त के 65वें प्रान्त अधिवेशन की भी जानकारी देते हुए बताया कि यह अधिवेशन संगठनात्मक दृष्टि से ऐतिहासिक रहा। प्रान्त भर से आए प्रतिनिधियों ने शिक्षा, छात्रहित, राष्ट्रीय सुरक्षा, सांस्कृतिक चेतना एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर गंभीर मंथन किया। अंत में उन्होंने बताया कि अधिवेशन में पारित हुए चार प्रस्ताव आने वाले समय में छात्र, समाज और राष्ट्र के लिए दिशा तय करने वाले सिद्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के व्यवसायीकरण, शैक्षणिक सुविधाओं के आभाव, छात्रों की उपेक्षा, शैक्षणिक परिसरों में अनुशासनहीनता तथा भारत विरोधी मानसिकता के विस्तार जैसी गंभीर चुनौतियाँ सामने हैं। इन सभी विषयों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् सजग प्रहरी की भूमिका में खड़ी है और आवश्यकता पड़ने पर सड़कों से लेकर संवाद के हर मंच पर छात्रहित में संघर्ष व निर्णायक आंदोलन के लिए भी प्रतिबद्ध है।

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News Desk

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