धान उपार्जन केन्द्र निरधी में हो रही धांधली
किसानों के खून पसीने की कमाई में डाला जा रहा डकैती
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निरधी/ पाली, कोरबा जिला के पाली विकासखण्ड अन्तर्गत ग्राम निरधी के धान उपार्जन केन्द्र में कई तरह की धांधलियां बरती जा रही है।
इस केंद्र में पांच ग्राम पंचायत आते हैं सभी पांच ग्राम पंचायतों के हजारों किसान अपनी खून पसीनों से कमाई धान को यहां धान मंडी में बेचते हैं इस भाव से कि शासन द्वारा निर्धारित तौल के हिसाब से धान की खरीदी होगी। हक के हिसाब से उचित मूल्य मिलेगा, मगर इस मंडी में कुछ अलग हो रहा है।
क्षेत्र के किसानों के आग्रह से अतुल्य भारत चेतना एवं हरिभूमि रतनपुर के पत्रकार सोमवार को निरधी मंडी पहुंचे। किसानों ने बताया कि उनके डुबान क्षेत्र की रकबा काट दिया गया है रकबा जोड़वाने तहसीलदार , एसडीएम, कलेक्टर महोदय को आवेदन दिया गया है, मगर अब तक उनका रकबा नहीं जुड़ पाया है
ऐसे में डूबान क्षेत्र के सैकड़ों किसान मंडी में धान बेचने से वंचित हो जायेंगे। किसानों को उनके फसल का शासन द्वारा दिया जा रहा मूल्य नहीं मिल पायेगा।
मंडी में धान की तौल के बारे में पूछने पर मंडी प्रबंधक श्री नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि प्रति कट्टी 40 किलो 600 ग्राम धान ली जा रही है। इसकी पड़ताल करने पर सच्चाई सामने आई नाम न छापने की शर्त पर किसानों के साथ ही मंडी में काम कर रहे व्यक्तियों ने बताया कि यहां वारदाने कट्टी में 41 किलो धान लिया जा रहा है।
इस तरह से 400 ग्राम धान प्रति कट्टी अधिक लिया जा रहा है। प्रति कट्टी किसानों से तौल एवं हमाली के नाम पर अनाप-शनाब पैसा भी ऐंठा जा रहा है। इस तरह की किसानों के साथ यहां छल किया जा रहा है।
इस पर किसानों ने इसकी शिकायत समिति के पदाधिकारियों के साथ ही मंडी के उच्चाधिकारियों से करने की बात कही है । छत्तीसगढ़ शासन किसानों के हित में विभिन्न प्रकार की योजना चला रही है मगर नीचे स्तर में बैठे कर्मचारी किसानों का शोषण करने में लगे हैं ऐसे में किसानों का उत्थान कैसे होगा सोचनीय है इस पर शासन स्तर में ध्यान देने की आवश्यकता है।
संवाददाता – नंदलाल कश्यप

