शहडोल
शहडोल नगर में भारी वाहनों के लगातार और अनियंत्रित प्रवेश से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शहर के मुख्य मार्गों, बाजार क्षेत्रों और रिहायशी इलाकों से होकर दिन-रात ट्रक, डंपर, हाइवा और ट्रैक्टर गुजर रहे हैं, जिससे आम नागरिकों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
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सुबह स्कूल खुलने और शाम को दफ्तरों की छुट्टी के समय हालात और भी खराब हो जाते हैं। संकरी सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही के कारण जाम की स्थिति बन रही है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी और खतरे का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की वजह से छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं का खतरा हर समय बना रहता है। कई जगह पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है, लेकिन इसके बावजूद ट्रैफिक नियंत्रण के लिए न तो पर्याप्त पुलिस बल नजर आता है और न ही कोई ठोस व्यवस्था दिखाई देती है।
नियमों के अनुसार नगर सीमा में भारी वाहनों के प्रवेश के लिए समय और मार्ग तय हैं, लेकिन इनका पालन नहीं कराया जा रहा। न चेकिंग हो रही है और न ही चालानी कार्रवाई, जिससे वाहन चालकों के हौसले बुलंद हैं।
नगरवासियों में इस स्थिति को लेकर भारी नाराजगी है। लोगों की मांग है कि शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगे, वैकल्पिक मार्ग तय किए जाएं और प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

