शहडोल जिले में पिछले तीन दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है। सुबह ही नहीं बल्कि दोपहर तक घना कोहरा छाया रहने से ठंड का असर और भी ज्यादा बढ़ गया है। ठिठुरन भरी ठंड ने आमजन का जीवन बेहाल कर दिया है, वहीं सड़कों पर चलना भी जोखिम भरा हो गया है।
सुबह के समय कोहरे की इतनी घनी चादर बिछ जाती है कि कुछ ही मीटर की दूरी पर सामने से आ रहे वाहन तक दिखाई नहीं देते। इसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग, जिला मार्ग और ग्रामीण सड़कों पर यातायात प्रभावित हो रहा है। वाहन चालक दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलने को मजबूर हैं।
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स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग और मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित
कड़ाके की ठंड और कोहरे का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना मजदूरी करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। सुबह-सुबह घर से निकलने वाले मजदूर अलाव के सहारे ठंड से राहत पाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। कई इलाकों में सार्वजनिक स्थानों पर लोग आग जलाकर ठंड से बचाव करते दिखाई दिए।
बाजार और दिनचर्या पर भी असर
ठंड और कोहरे के कारण सुबह के समय बाजार देर से खुल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने-जाने वाले लोगों को भी आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ठंड के चलते सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है।
अभी और बढ़ सकती है ठंड
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। ऐसे में ठंड और कोहरे से फिलहाल राहत मिलने के आसार कम हैं।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि अत्यधिक ठंड और कोहरे के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतें, गर्म कपड़ों का उपयोग करें और अनावश्यक रूप से सुबह-सुबह यात्रा करने से बचें।

