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हाईकोर्ट के आदेश पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर दोबारा मतदान

सितारगंज – हाईकोर्ट ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर दोबारा मतदान कराने के आदेश जारी किए हैं। इसके अनुपालन में प्राचार्य प्रो. रेनू रानी बंसल ने अध्यक्ष पद पर हुए निर्विरोध निर्वाचन को रद्द कर दिया है।

बृहस्पतिवार को महाविद्यालय के सूचना पट पर सूचना चस्पा कर प्राचार्य प्रो. रेनू रानी बंसल ने बताया कि 27 सितंबर 2025 को आयोजित छात्रसंघ चुनाव में गौरव सिंह फर्त्याल को अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया था, जिसे हाईकोर्ट ने विधिमान्य नहीं माना है। कोर्ट के आदेशानुसार अब अध्यक्ष पद के लिए 7 फरवरी 2025 को दोबारा मतदान कराया जाएगा।

गौरतलब है कि छात्रसंघ चुनाव के दौरान छात्रा राजविंदर कौर ने भी अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी की थी, लेकिन तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाते हुए उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया था। इसके विरोध में राजविंदर कौर ने 26 सितंबर को हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। इसके बाद 9 अक्टूबर को डबल बेंच में अपील की गई।

16 अक्टूबर को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए इसे महाविद्यालय के शिकायत एवं निवारण प्रकोष्ठ के पास भेज दिया था।

इसके बाद प्राचार्य ने अध्यक्ष पद पर पुनः मतदान कराने का निर्णय लेकर अग्रिम कार्रवाई के लिए चुनाव अधिकारी को पत्र भेजा, लेकिन चुनाव अधिकारी ने चुनाव कराने से इनकार कर दिया। इस पर राजविंदर कौर ने पुनः हाईकोर्ट का रुख किया।

चार दिसंबर 2025 को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए 7 फरवरी 2025 को अध्यक्ष पद पर दोबारा मतदान कराने के निर्देश दिए।

राजविंदर कौर का कहना है कि वह इसी वर्ष संपन्न पंचायत चुनाव में ग्राम सिसौना के वार्ड संख्या 13 से निर्विरोध सदस्य चुनी गई थीं। छात्रसंघ चुनाव में नामांकन से पूर्व उन्होंने बीडीओ को अपना इस्तीफा सौंप दिया था, इसके बावजूद निर्वाचन अधिकारी ने इसी आधार पर उनका नामांकन खारिज कर दिया और गौरव सिंह फर्त्याल को निर्विरोध अध्यक्ष घोषित कर दिया गया था।

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उपेन्द्र सिंह

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