कौशाम्बी पुलिस की निर्णायक कार्रवाई
एसपी राजेश कुमार की मास्टर रणनीति से अंतरजनपदीय गौतस्करी नेटवर्क ध्वस्त
अतुल्य भारत चेतना (मनीष त्रिपाठी)
इसे भी पढ़ें (Read Also): अनियंत्रित ट्रक व कार में भीषण टक्कर, एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, 4 की हालत गम्भीर
कौशाम्बी। जनपद कौशाम्बी में गौवंश तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी और निर्णायक सफलता मिली है। यह कार्रवाई केवल एक मुठभेड़ तक सीमित नहीं रही, बल्कि महीनों से चल रही सुनियोजित “ट्रैक डाउन रणनीति” का परिणाम थी, जिसने संगठित अंतरजनपदीय गौतस्करी नेटवर्क की कमर तोड़ दी। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के कुशल नेतृत्व में कौशाम्बी पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया कि संगठित अपराध चाहे जितना मजबूत क्यों न हो, सटीक रणनीति और दृढ़ संकल्प के सामने उसका अंत तय है।
12 बैलों की बरामदगी से हुआ खुलासा
गौतस्करी नेटवर्क के पर्दाफाश की शुरुआत दिनांक 03/04 जनवरी 2026 की रात हुई, जब ससुर खदेरी नदी और इचौली गांव के बीच झाड़ियों में बिजली के खंभों से बांधकर रखे गए 12 बैल जिंदा बरामद किए गए। ग्रामीणों द्वारा दी गई संवेदनशील सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बड़े अपराध को समय रहते रोक लिया। यही घटना आगे चलकर पूरे गौतस्करी नेटवर्क के ट्रैक डाउन ऑपरेशन की नींव बनी।
संगठित अपराध मानकर बनाई गई विशेष रणनीति
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने इस मामले को सामान्य घटना मानकर बंद नहीं किया, बल्कि इसे संगठित गौतस्करी के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के रूप में लिया। उनके निर्देश पर थाना कोखराज पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम को संयुक्त रूप से एक विशेष मिशन पर लगाया गया।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मुखबिर तंत्र, जमीनी सत्यापन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कुल 7 सक्रिय गौतस्करों की पहचान की।
मुठभेड़ में तीन शातिर गिरफ्तार
दिनांक 11/12 जनवरी 2026 की रात्रि थाना कोखराज क्षेत्र में सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को फंसा देख अभियुक्तों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में—
- मनोज पुत्र मोतीलाल, निवासी अमांव, थाना खागा, जनपद फतेहपुर — पैर में गोली लगने से घायल, मौके पर गिरफ्तार
- अजय चौबे पुत्र लल्लन, निवासी तिवारी डेहरिया, थाना मोहनिया, जनपद भभुआ (बिहार)
- अजमेरी पुत्र छोटेलाल, निवासी ननमयी, थाना कोखराज
तीनों शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में नेटवर्क का खुलासा
पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे मांग के अनुसार गोवंश एकत्र कर ट्रक व पिकअप वाहनों के माध्यम से बिहार भेजते थे। जांच में यह भी सामने आया कि इनके खिलाफ उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम के तहत विभिन्न जनपदों में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।
शेष अभियुक्तों की तलाश जारी
पुलिस अब गिरोह के शेष 4 फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। एसपी राजेश कुमार के निर्देश पर पूरे नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने की कार्रवाई जारी है।
समाज को सख्त संदेश
यह कार्रवाई केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि समाज को दिया गया एक स्पष्ट संदेश है कि कौशाम्बी में गौवंश के साथ क्रूरता, कानून की अवहेलना और संगठित अपराध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
एसपी राजेश कुमार के नेतृत्व में कौशाम्बी पुलिस ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब संकल्प मजबूत और रणनीति सटीक हो, तो अपराध का अंत निश्चित है।

