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कैराना: कोर्ट के आदेश पर यमुना किनारे नष्ट की गई जब्त अवैध विस्फोटक सामग्री

संवाददाता: मेहरबान अली कैरानवी

कैराना (शामली): कोतवाली कैराना पुलिस ने ‘ऑपरेशन क्लीन’ अभियान के तहत दीपावली से पूर्व अवैध पटाखा फैक्ट्रियों से जब्त की गई विस्फोटक सामग्री को कोर्ट के आदेश पर यमुना नदी किनारे नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई विस्फोटक अधिनियम के पांच मुकदमों से संबंधित जब्त सामग्री के विनिष्टीकरण के लिए की गई।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कैराना के आदेश पर इस वर्ष दीपावली से पहले अवैध फैक्ट्रियों से बरामद विस्फोटक सामग्री को नष्ट करने के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। बुधवार को एसपी शामली नरेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशानुसार गठित टीम की मौजूदगी में कोतवाली के मालखाने से सामग्री निकालकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादा गया और यमुना नदी किनारे ले जाया गया।

वहां जेसीबी मशीन से खोदे गए गड्ढे में विस्फोटक सामग्री को दबाकर सुरक्षित रूप से नष्ट किया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई।

टीम में सीओ कैराना हेमंत कुमार, तहसीलदार अर्जुन चौहान, अभियोजन अधिकारी उतेश जौहरी, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक समयपाल अत्री, बीडीडीएस टीम सहारनपुर के कांस्टेबल शशिकांत, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कैराना कार्यालय के क्लर्क अवनीश कुमार तथा हेड मोहर्रिर संजीत सिंह शामिल रहे।

यह कार्रवाई अवैध विस्फोटकों के भंडारण और उत्पादन पर अंकुश लगाने की दिशा में पुलिस की सतत मुहिम का हिस्सा है।

ऑपरेशन क्लीन अभियान: विस्तार से जानकारी

ऑपरेशन क्लीन उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जाने वाला एक विशेष अभियान है, जिसका मुख्य उद्देश्य अपराधियों, गौ-तस्करों, माफिया और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। यह अभियान योगी आदित्यनाथ सरकार के तहत समय-समय पर विभिन्न रूपों में चलाया जाता है, जिसमें पुलिस एनकाउंटर, छापेमारी और जब्त सामग्री के निष्क्रियीकरण जैसी कार्रवाइयां शामिल होती हैं। हाल के वर्षों में यह अभियान विशेष रूप से गौ-तस्करी, ड्रग तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ सक्रिय रहा है।

अभियान का व्यापक संदर्भ (2025 में):

  • मुख्य फोकस: अपराधियों और गौ-तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई। दिसंबर 2025 में जौनपुर, बलिया, बुलंदशहर और लखनऊ जैसे जिलों में पुलिस एनकाउंटर हुए, जहां इनामी अपराधियों को घायल कर गिरफ्तार किया गया।
  • उद्देश्य: प्रदेश को अपराध-मुक्त बनाने की दिशा में योगी सरकार की मुहिम का हिस्सा। इसमें स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें शामिल होती हैं।
  • परिणाम: हजारों एनकाउंटर, सैकड़ों गिरफ्तारियां और करोड़ों की अवैध संपत्ति/सामग्री जब्त।

कैराना (शामली) में ऑपरेशन क्लीन का विशेष संदर्भ:

यह अभियान स्थानीय स्तर पर अवैध पटाखा फैक्ट्रियों और विस्फोटक सामग्री के खिलाफ चलाया गया।

  • कार्रवाई का विवरण: दीपावली से पहले अवैध पटाखा फैक्ट्रियों से जब्त की गई विस्फोटक सामग्री (विस्फोटक अधिनियम के तहत 5 मुकदमों से संबंधित) को कोर्ट के आदेश पर यमुना नदी किनारे सुरक्षित रूप से नष्ट किया गया।
  • प्रक्रिया: एसपी शामली के निर्देश पर गठित टीम ने मालखाने से सामग्री निकाली, ट्रैक्टर-ट्रॉली से यमुना किनारे ले जाकर जेसीबी से गड्ढा खोदकर दबाया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई।
  • टीम: सीओ हेमंत कुमार, तहसीलदार अर्जुन चौहान, अभियोजन अधिकारी उतेश जौहरी, कोतवाली प्रभारी समयपाल अत्री आदि शामिल।
  • महत्व: यह कार्रवाई अवैध विस्फोटकों के भंडारण, उत्पादन और बिक्री पर लगाम लगाने की पुलिस की सतत मुहिम का हिस्सा है, जो सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

यह अभियान प्रदेश स्तर पर अपराध नियंत्रण का प्रतीक है, जबकि स्थानीय स्तर पर यह विशिष्ट अवैध गतिविधियों (जैसे अवैध पटाखे) को लक्षित करता है।

योगी आदित्यनाथ सरकार की प्रमुख मुहिमें और योजनाएं

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने 2017 से अब तक (2025 तक) कानून-व्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, आर्थिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में कई महत्वाकांक्षी मुहिमें चलाई हैं। इनका मुख्य उद्देश्य राज्य को $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाना, अपराध मुक्त करना और हर वर्ग तक विकास पहुंचाना है। नीचे प्रमुख मुहिमों और योजनाओं की सूची दी गई है:

1. कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण

  • ऑपरेशन क्लीन: अपराधियों, माफिया, गौ-तस्करों और अवैध गतिविधियों (जैसे अवैध पटाखे) के खिलाफ सख्त कार्रवाई। हजारों एनकाउंटर और संपत्ति जब्ती शामिल।
  • जीरो टॉलरेंस पॉलिसी: माफिया और संगठित अपराध पर अंकुश, AI-ड्रिवन पोलिसिंग और पुलिस आधुनिकीकरण।

2. महिला सशक्तिकरण

  • मिशन शक्ति (5.0 तक) → महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए अभियान। थानों में मिशन शक्ति केंद्र, हेल्पलाइन और जागरूकता कार्यक्रम।
  • मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना → लड़कियों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए आर्थिक सहायता (₹15,000 तक)।

3. आर्थिक विकास और रोजगार

  • $1 ट्रिलियन इकोनॉमी मिशन — निवेश आकर्षण, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और FDI (2025 में $683 मिलियन)।
  • वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) — हर जिले की विशेष उत्पाद को बढ़ावा।
  • मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (CM YUVA) — युवाओं को स्टार्टअप के लिए ब्याज-मुक्त लोन (68,000 से अधिक लाभार्थी, ₹2,751 करोड़)।
  • 2026 में 1.5 लाख सरकारी नौकरियां — पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया।

4. शिक्षा और कौशल विकास

  • अभ्युदय योजना → गरीब छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग।
  • डीबीटी से छात्रवृत्ति और सुविधाएं — ड्रेस, बैग आदि के लिए सीधे खाते में पैसे।
  • डिजिटल लाइब्रेरी और कंपोजिट स्कूल — ग्राम पंचायत स्तर पर सुविधाएं।

5. स्वास्थ्य और कुपोषण मुक्ति

  • आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना — गरीबों को ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज।
  • कुपोषण मुक्त उत्तर प्रदेश — आंगनबाड़ी में बच्चों को पौष्टिक नाश्ता और गाय प्रदान।
  • दस्तक अभियान — इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों की रोकथाम।

6. पर्यावरण और स्वच्छता

  • स्वच्छ भारत मिशन का समर्थन → शौचालय निर्माण और स्वच्छता जागरूकता।
  • उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना (UPCAMP) — 2026 में लॉन्च, वायु प्रदूषण कम करने के लिए विश्व बैंक सहायता (39 लाख परिवारों को स्वच्छ ईंधन)।
  • महाकुंभ 2025 — स्वच्छता और AYUSH पर फोकस।

7. अन्य प्रमुख योजनाएं

  • मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना → गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए सहायता।
  • मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना → ग्रामीण रोजगार के लिए लोन।
  • पुलिस और PAC कल्याण → पुलिस कर्मियों के लिए आवास, स्वास्थ्य और भर्ती सुधार।
  • महापुरुषों के नाम पर नई योजनाएं → 2025 बजट में 10 योजनाएं (जैसे संत कबीरदास टेक्सटाइल पार्क)।

ये मुहिमें उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। राज्य अब देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य बन रहा है।

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News Desk

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