Breaking
Mon. Jan 12th, 2026

खमरिया थाना क्षेत्र में चोरों का तांडव: एक रात में दो गांवों की 8 जगहों पर चोरी

खमरिया थाना क्षेत्र में चोरों का तांडव: एक रात में दो गांवों की 8 जगहों पर चोरी

थाना प्रभारी की निष्क्रियता पर उठे सवाल, पुलिस अधीक्षक की साख दांव पर

अतुल्य भारत चेतना संवाददाता – शिव दीक्षित

धौरहरा (लखीमपुर खीरी): खमरिया थाना क्षेत्र में चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। चोर गिरोह बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहा है, जबकि पुलिस की कार्यप्रणाली सुस्त पड़ती नजर आ रही है। इन बढ़ती घटनाओं से जिले के संवेदनशील और अनुशासनप्रिय माने जाने वाले पुलिस अधीक्षक की छवि पर भी असर पड़ रहा है।

बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात चोरों ने लखपेड़ा और फत्तेपुर गांवों में जमकर उत्पात मचाया। एक ही रात में 6 घरों और 2 दुकानों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की नकदी और जेवरात लूट लिए। इससे ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश व्याप्त है।

लखपेड़ा गांव में सबसे बड़ी वारदात ग्राम पंचायत लखपेड़ा निवासी अनुज राजपूत पुत्र रामदुलारे के घर चोर पीछे की दीवार से छत पर चढ़े। सीढ़ी के रास्ते नीचे उतरकर कमरे में रखे बक्से तोड़े और दो छोटे बक्से उठा ले गए। पीड़ित अनुज के अनुसार, बक्सों व रैक में रखे करीब 1.60 लाख रुपये नकद और लगभग 10 लाख रुपये मूल्य के जेवरात चोरी हो गए। सुबह घर के पीछे खेत में टूटे ताले वाले बक्से बरामद हुए, जहां सामान बिखरा पड़ा था और बैग खाली मिले।

इसी गांव में:

  • रामपाल पुत्र टीकाराम के घर से मंगलसूत्र चोरी।
  • रामकिशोर पुत्र भारत के घर कुंडी तोड़कर घुसने की कोशिश, लेकिन महिला के जागने पर चोर भाग निकले।
  • बनवारी पुत्र चूरामन के घर में घुसे चोर, गृहस्वामी के जागने पर बिना कुछ चुराए फरार।

फत्तेपुर गांव में भी चोर बेखौफ पड़ोसी गांव फत्तेपुर में चोरों ने:

  • श्यामू शुक्ला पुत्र पैकरमा और मुनुवा बाजपेई की दुकानों के खोखे काटकर सामान व नकदी चोरी की।
  • रामलखन अवस्थी के घर ताला तोड़कर प्रवेश किया, लेकिन ज्यादा कुछ हाथ नहीं लगा। नींद खुलने पर चोर ठंड से बचाव की एक शॉल लेकर भागे।
  • रामलखन के भतीजे सुधीर अवस्थी (जो लखनऊ में रहते हैं) के घर ताले काटकर गृहस्थी का सामान चोरी किया। सुधीर ने बताया कि उनके घर में पहले भी कई बार चोरी हो चुकी है।

पुलिस पर ग्रामीणों का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि चोरी की सूचना के बावजूद पुलिस की प्रतिक्रिया धीमी रही। रात्रि गश्त नहीं बढ़ाई गई और संदिग्धों पर नजर नहीं रखी जा रही। यदि समय पर कार्रवाई होती तो इन घटनाओं को रोका जा सकता था।

जिले के पुलिस अधीक्षक को संवेदनशील व सक्रिय अधिकारी माना जाता है, लेकिन खमरिया क्षेत्र में बिगड़ती कानून-व्यवस्था उनकी साख पर सवाल खड़े कर रही है। लोगों का मानना है कि थाना स्तर पर लापरवाही रोकी न गई तो जनता का पुलिस से भरोसा कम होता जाएगा।

अब देखना यह है कि उच्च अधिकारी इन बढ़ती आपराधिक घटनाओं को कितनी गंभीरता से लेते हैं और जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब करते हैं। क्षेत्रवासी उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस जल्द सख्त कदम उठाकर सक्रिय चोर गिरोह पर अंकुश लगाएगी।

Author Photo

News Desk

Responsive Ad Your Ad Alt Text
Responsive Ad Your Ad Alt Text

Related Post

Responsive Ad Your Ad Alt Text