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विशाल सिंह खेरिया की शिक्षा से जुड़ा संघर्ष : भरतपुर -राजस्थान

अतुल्य भारत चेतना

संवाददाता -विमल कुशवाह

भरतपुर राजस्थान ,

भरतपुर जिले की बयाना तहसील के विशाल सिंह खेरिया ने 8वीं पूरक परीक्षा से 10वीं ग्रेस मार्क्स से 12वीं में 2 वार असफलता से टकराते हुए शिक्षा प्राप्ति के लक्ष्य को नहीं छोड़ा विशाल सिंह का कहना था कि “सफलता तब मिलती है, जब हम असफलताओं से हार नहीं मानते, बल्कि उन्हें सीख की सीढ़ी बनाकर आगे बढ़ते हैं। हर ठोकर एक संकेत है कि मंज़िल की ओर एक और क़दम बढ़ाना है। साथी विधार्थियों के अलावा गांव, क्षेत्र के लोगों ने कहा विशाल पढ़ाई-लिखाई करना आपके वस की बात नहीं है पढ़ाई में माता पिता की बर्बादी हो रही है इससे अच्छा है पढ़ाई लिखाई छोड़ मां बाप के साथ खेतों में व मजदूरी करों, लेकिन विशाल सिंह का अटूट विश्वास एवं शिक्षा प्राप्त करने के लक्ष्य ने मां शारदा देवी पिता ख्यालीराम के लिए शिक्षा प्राप्त करने की चुनौती दी

‘जो गिरकर भी उठता है, वही सच्चा विजेता होता है।”असफलता अंत नहीं है,, बल्कि नई शुरुआत का सुंदर आमंत्रण है। सफल वही होता है, जो हर बार गिरकर भी अपने इरादों को नहीं गिरने देता।

विशाल सिंह ने अंतत डी.एम.एल.टी डिप्लोमा, बी.ए,एम.ए,बी.एड, सी.टेट जैसी परिक्षाओं को प्रथम ग्रेड के साथ उत्तीर्ण कर महाविद्यालय टापर्स की सारणी में अपना नाम दर्ज किया और अपने सपने को पूरा तो किया ही मां बाप का सहारा भी बनें है, एवं समाज में अपना नाम रोशन कर आज विशाल सिंह खेरिया राजस्थान की राजधानी जयपुर में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं और परिवार के साथ समाजसेवा में भी अधिकाधिक योगदान दे रहे हैं!

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विमल कुमार कुशवाह

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