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यूपी में 530 करोड़ की नई रेल लाइन से बदलेगी बहराइच की सूरत, लखनऊ से होगा सीधा कनेक्शन; जल्द शुरू होगा भूमि अधिग्रहण

By News Desk #530 crore railway project Bahraich #530 करोड़ रेल लाइन बहराइच #Anand Gaud Bahraich railway project #Bahraich Jarwal Road DPR approved #Bahraich Lucknow direct train latest news #Bahraich new railway line 2025 #Bahraich railway latest update #Bahraich railway revolution #Bahraich to Jarwal Road rail line #Bahraich to Lucknow in 87 minutes train #Indian Railways Bahraich Jarwal Road #Lucknow Bahraich new rail connectivity #New rail line Bahraich Jarwal Road #New railway line Uttar Pradesh 2025 #Shravasti Bahraich new train project #Tarai Express Bahraich railway #आनंद गौड रेल लाइन बहराइच #उत्तर प्रदेश नई रेल लाइन 2025 #तराई एक्सप्रेस बहराइच #बहराइच जरवल रोड डीपीआर तैयार #बहराइच जरवल रोड रेल लाइन #बहराइच नई रेल लाइन #बहराइच में नई ट्रेन कब चलेगी #बहराइच रेलवे न्यूज़ 2025 #बहराइच लखनऊ नई ट्रेन #बहराइच से लखनऊ 87 मिनट ट्रेन #बहराइच से लखनऊ डायरेक्ट ट्रेन #मिहिनपुरवा नानपारा रेलवे प्रोजेक्ट #लखनऊ बहराइच रेल लाइन लेटेस्ट न्यूज़ #श्रावस्ती बहराइच नई रेल लाइन

बहराइच-जरवल रोड ₹530 करोड़ रेल प्रोजेक्ट – लेटेस्ट अपडेट

बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले को रेल नेटवर्क की दृष्टि से बड़ी सौगात मिलने जा रही है। बहराइच से जरवल रोड (गोंडा) के बीच लगभग 70 किलोमीटर लंबी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन बिछाने की परियोजना ने तेजी पकड़ ली है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को लोकसभा में बहराइच के सांसद डॉ. आनंद गौड के प्रश्न के लिखित उत्तर में इसकी पुष्टि की। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 530 करोड़ रुपये है।

परियोजना की वर्तमान स्थिति

  • सर्वेक्षण कार्य पूर्ण हो चुका है।
  • विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है।
  • अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने की संभावना है।
  • भूमि अधिग्रहण के बाद निविदा प्रक्रिया और निर्माण कार्य शुरू होगा।

मौजूदा स्थिति और नई लाइन का महत्व

वर्तमान में बहराइच से जरवल रोड जाने के लिए यात्रियों को गोंडा जंक्शन होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। इससे दूरी और यात्रा समय दोनों अधिक लगते हैं। नई सीधी रेल लाइन बनने से:

  • बहराइच से लखनऊ, गोंडा, गोरखपुर और आगे दिल्ली-कोलकाता मुख्य लाइन तक सीधा और तेज कनेक्शन मिलेगा।
  • यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
  • बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर जिलों के सुदूर इलाकों में रेल सुविधा का विस्तार होगा।

क्षेत्र को मिलने वाले लाभ

  1. यातायात में सुगमता यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों का संचालन भी आसान होगा।
  2. आर्थिक विकास कृषि उत्पाद, लकड़ी, ईंट-भट्ठे और छोटे-मध्यम उद्योगों को सस्ती और तेज परिवहन सुविधा मिलेगी। बाजार तक पहुंच आसान होने से किसानों-व्यापारियों को फायदा होगा।
  3. पर्यटन को बढ़ावा श्रावस्ती (जेतवन, सौभद्र स्तूप) जैसे विश्व प्रसिद्ध बौद्ध स्थलों तक पहुंच आसान होगी, जिससे धार्मिक और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में वृद्धि होगी।
  4. रोजगार सृजन निर्माण कार्य के दौरान हजारों लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

तकनीकी विवरण

  • लंबाई : लगभग 70 किलोमीटर
  • अनुमानित लागत : ₹530 करोड़
  • प्रकार : ब्रॉडगेज सिंगल लाइन (भविष्य में डबल लाइन में परिवर्तन की संभावना)
  • प्रमुख स्टेशन : बहराइच, मिहिनपुरवा, नानपारा (संभावित), जरवल रोड के अलावा बीच में 7-8 नए स्टेशन/हाल्ट प्रस्तावित।

बहराइच के सांसद डॉ. आनंद गौड ने रेल मंत्री के उत्तर की सराहना करते हुए कहा कि “यह परियोजना दशकों पुरानी मांग थी। इसके बनने से बहराइच और श्रावस्ती जिले रेल मानचित्र पर मजबूती से स्थापित होंगे। मैं केंद्र और राज्य सरकार का आभार व्यक्त करता हूँ और शीघ्र निर्माण शुरू होने की उम्मीद करता हूँ।”

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही भूमि अधिग्रहण और मंजूरी की औपचारिकताएं पूरी होंगी, 2026-27 से निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य है। इस नई रेल लाइन से उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी का एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है।

बहराइच-जरवल रोड नई रेल लाइन से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

केंद्र सरकार की रेल नीतियों के तहत उत्तर प्रदेश में कई बड़े रेल प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनमें यह लाइन एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आइए, विस्तार से जानते हैं कि यह प्रोजेक्ट कैसे तराई क्षेत्र को बदलने वाला है, साथ ही इससे जुड़े अन्य अपडेट्स, चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं।

1. प्रोजेक्ट की विस्तृत पृष्ठभूमि और स्वीकृति

  • स्वीकृति की तारीख: यह परियोजना 2023 में रेलवे बोर्ड द्वारा औपचारिक रूप से स्वीकृत हुई थी, जब सर्वे के लिए 162.50 लाख रुपये का बजट जारी किया गया। सर्वे के दौरान लंबाई को 69.66 किमी से घटाकर 65-70 किमी किया गया, ताकि जंगलों और नदियों के बीच निर्माण आसान हो।
  • केंद्रीय मंत्री का बयान: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि उत्तर प्रदेश में कुल 49 रेल परियोजनाएं चल रही हैं, जिनकी कुल लंबाई 3,807 किमी और लागत 62,360 करोड़ रुपये है। इनमें से 1,323 किमी का निर्माण पूरा हो चुका है, और 30,611 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। बहराइच-जरवल रोड लाइन को विशेष प्राथमिकता दी गई है, क्योंकि यह पूर्वी यूपी की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी।
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News Desk

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