9 साइबर ठगों की हुई गिरफ्तारी , 2 बाल अपचारी को किया निरुद्ध
रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता डीग
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डीग – डीग जिले की सीकरी थाना पुलिस ने सायबर ठगी करते हुए 7 अपराधी गिरफ्तार व 2 विधि से संघर्षरत बालक निरूद्ध किए जिनके कब्जे से कुल 11 एन्ड्रॉयड मोबाईल फोन मय सिम को जब्त किया गया है।
सीकरी थानाधिकारी मुकेश कुमार पु०नि० द्वारा गठित टीम महेन्द्रसिह मीणा उ०नि० मय जाब्ता द्वारा साइबर सैल डीग से प्राप्त हेल्प लाईन नम्बर 1930 पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर ग्राम अतवी के जंगल बांध की पाल में दबिश दी गई तो साइबर ठगी का काम कर रहे साइबर ठग 1. सारूप उर्फ साहरूख पुत्र हाकम जाति मेव उम्र 20 साल निवासी अलघानी पुलिस थाना सीकरी 2. जिलसाद उर्फ जिल्लो पुत्र महमूद जाति मेव उम्र 19 साल निवासी भैसडावत पुलिस थाना गोविन्दगढ जिला अलवर (राज०), 3. मुनफेद पुत्र आस मौहम्मद उर्फ लाला जाति मेव उम्र 19 साल निवासी गुलमानी पुलिस थाना सीकरी जिला डीग 4. साहिल पुत्र रमजान उर्फ पप्पू जाति मेव उम्र 18 साल निवासी रनियाला पुलिस थाना सीकरी 5 जुबेर पुत्र आसीन जाति मेव उम्र 30 साल निवासी बास बुर्जा पुलिस थाना सीकरी जिला डीग 6. समसूदीन उर्फ समसू पुत्र स्व० इमरत जाति मेव उम्र 55 साल निवासी रसूलपुर पुलिस थाना कैथवाडा जिला डीग 7. इन्सार उर्फ इन्नू पुत्र पुत्र हाकम जाति मेव उम्र 18 साल निवासी अलघानी पुलिस थाना सीकरी जिला डीग (राज०) को गिरफतार कर 02 किशोर विधि से सघर्षरत बालकों को निरूद्ध कर कब्जे से कुल 11 एन्ड्रॉयड मोबाईल फोन मय सिम को जरिये फर्द जब्ती जब्त किया गया है।
तरीका वारदात साईबर ठगीः मुल्जिमान द्वारा आपस में व अपनी गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर चोरी व लूट के मोबाईल में लगी फर्जी सिम व फर्जी सिमो से बने फर्जी वाटसअप, फेसबुक, इंसटाग्राम आदि एपों पर ऑल्ड कॉईन खरीदने का फर्जी विज्ञापन डालकर, अनजान लोगो से हर्षा साई मदद करने का फर्जी विज्ञापन, रूम / फ्लैट किराये पर देने का फर्जी विज्ञापन डालकर एडवांस बुकिंग के लिए रूपये डालने का झांसा देना, अनजान लोगों को पहचानने का झांसा देकर उनको फर्जी रूपये डालने का मैसेज भेजकर उनसे कहना कि गलती से रूपये डल गये हैं और वापिस करने के लिए कहना, कम कीमत में यामाहा कम्पनी की मोटरसाईकिल बेचने का फर्जी विज्ञापन डालकर विज्ञापन पर दिये गये वाटसअप नम्बरों पर कॉल करने पर उनको झांसा देकर एडवांस रूपये डालने व अनजान लोगों से लडकी बनकर अष्लील चैट करना व उनको अपने जाल में फंसा कर वीडियो कॉल करके उनकी न्यूड वीडियो बनाकर वीडियो को वायरल करने की धमकी (सेक्सटॉर्शन) देकर वीडियो को डिलिट करने के लिए पैसो की डिमाण्ड करना व उनके द्वारा रूपये अपनी गैंग के सदस्यों द्वारा उपलब्ध कराये गये फोनपे, गूगलपे नम्बर, स्केनर मिले है।

