*जैसलमेर।(सी आर देवपाल जैसलमेर)।*सप्त शक्ति कमान के तत्वावधान में डॉट ऑन टारगेट डीओटी डिवीजन के अंतर्गत पूर्व सैनिकों वीर नारियों और वीर माताओं के उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करने हेतु 29 नवंबर 2025 को हिसार मिलिट्री स्टेशन में एक भव्य पूर्व सैनिक रैली आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर हरियाणा के दस जिलों-भिवानी चरखी दादरी फतेहाबाद हिसार झज्जर जींद महेंद्रगढ़ रेवाड़ी रोहतक और सिरसा – से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक शामिल होंगे। रैली का उद्देश्य राष्ट्र के प्रति उनके योगदान का सम्मान करना और उनकी कल्याण संबंधी आवश्यकताओं का समाधान करना है। इस कार्यक्रम में हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहने की संभावना है। इनके साथ सप्त शक्ति कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह वरिष्ठ सैन्य अधिकारी नागरिक गणमान्य व्यक्ति तथा लगभग 1500 से अधिक लोग शामिल होंगे।सैनिकों की धरा कहे जाने वाला हरियाणा एक गौरवशाली और मजबूत पूर्व सैनिक समुदाय का घर है जिसने भारतीय सशस्त्र बलों की श्रेष्ठ परंपराओं को सदैव जीवंत रखा है। रैली में कल्याण एवं सम्मान कार्यक्रम सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ राजा नाहर सिंह पर आधारित देशभक्ति गीत तथा मिलिट्री बैंड का विशेष प्रदर्शन शामिल होगा।अभिलेख कार्यालयों बैंकों जिला सैनिक बोर्डों ईसीएचएस डीपीडीओ और एडब्ल्यूपीओ द्वारा लगाए गए स्टॉलों में पूर्व सैनिकों को ऑन द स्पॉट दस्तावेज़ीकरण सहायता शिकायत निवारण और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल सिविल प्रशासन और सशस्त्र बलों की संयुक्त जिम्मेदारी को और मजबूत बनाती है।रैली में एक मेडिकल कैंप भी लगाया जाएगा जिसमें कैंसर जांच हड्डियों की घनत्व जाँच और कुछ चयनित रक्त परीक्षण जैसी विशेष स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध होंगी ताकि पूर्व सैनिकों और वीर नारियों की आयु संबंधी स्वास्थ्य आवश्यकताओं का समुचित समाधान किया जा सके। सरकारी विभागों वित्तीय संस्थानों और कल्याण एजेंसियों की भागीदारी पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को निर्बाध लाभ प्रदान करने के राष्ट्र-व्यापी सहयोगात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है।पूर्व सैनिक रैली 2025 भारतीय सेना की अपने पूर्व सैनिकों के प्रति कल्याण सम्मान और उनके निरंतर सुख-समृद्धि के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को पुन स्थापित करती है। यह कार्यक्रम सेवारत और पूर्व सैनिकों के बीच सौहार्द साझा उत्तरदायित्व और अटूट बंधन का प्रतीक है साथ ही राष्ट्र-निर्माण और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करता है।
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