बारिश होते ही गलियां तालाब में तब्दील, नमाज के लिए जाते समय भी ग्रामीणों को उठानी पड़ती है परेशानी
अतुल्य भारत चेतना
मेहरबान अली कैरानवी
शामली। तहसील ऊन के अंतर्गत आने वाला गांव बिडोली सादात आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। थोड़ी सी बारिश होते ही गांव की गलियां और रास्ते तालाब जैसे बन जाते हैं। कीचड़ और जलभराव के चलते ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खासकर मस्जिद जाने वाले लोग बताते हैं कि पानी और कीचड़ में उनके कपड़े खराब हो जाते हैं, जो पवित्र स्थान पर जाना उचित नहीं माना जाता।

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5 साल से टूटी पड़ी सड़कें
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की कई सड़कें पांच सालों से टूटी हुई हैं, लेकिन आज तक उनकी मरम्मत या नवनिर्माण नहीं हुआ। चुनावी समय में गांव-गली की पूरी जानकारी रखने वाले प्रधान चुनाव जीतने के बाद ग्रामीणों की सुध नहीं लेते। लोग बताते हैं कि बार-बार प्रधान से गुहार लगाने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
सफाई व्यवस्था भी चरमराई
सड़क के साथ-साथ गांव की सफाई व्यवस्था भी बेहद बदहाल है। ग्रामीणों के अनुसार, केवल तब सफाई होती है जब बार-बार एसडीएम को शिकायत दी जाती है। इसके बाद सफाई कर्मी दो-तीन महीने में कभी-कभार एक दिन के लिए सफाई करते हैं। बाकी समय गांव की गलियां गंदगी और कूड़े से अटी पड़ी रहती हैं।
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प्रधान और सचिव की लापरवाही से नाराज़ ग्रामीण
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव का सचिव कभी मौके पर नहीं आता और फोन करने पर भी जवाब नहीं देता। प्रधान के समर्थक लोग शिकायत करने वालों को बहाने बनाकर चुप करा देते हैं। यहां तक कि यह कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है कि “ऊपर से कोई योजना नहीं आ रही है।”

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ग्रामीणों की अपेक्षा – सिर्फ सड़क और सफाई
ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें किसी बड़ी योजना की मांग नहीं है, बल्कि केवल यही चाहते हैं कि गांव में सड़कें दुरुस्त हों और सफाई व्यवस्था नियमित रूप से हो। उनका कहना है कि यही बुनियादी सुविधाएं उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में मदद कर सकती हैं।

