अतुल्य भारत चेतना
डॉ. मीरा पराड़कर
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश की धर्म नगरी छिंदवाड़ा में श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर 9 अगस्त 2025 को श्री आदिनाथ दिगंबर जिनालय, गोल गंज में रक्षाबंधन महापर्व और भगवान श्रेयांसनाथ के मंगलकारी मोक्ष कल्याणक महोत्सव का भक्ति भाव के साथ आयोजन किया गया। इस मंगलमय प्रसंग पर श्री दिगंबर जैन मुमुक्षु मंडल और अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन के तत्वावधान में सकल जैन समाज ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने जिनालय में पूजन, विधान, और मंगलगान के माध्यम से इस पवित्र उत्सव को मनाया।
रक्षाबंधन पूजन और मोक्ष कल्याणक महोत्सव
छिंदवाड़ा के अहिंसा स्थली गोल गंज स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जिनालय में सुबह से ही श्रावक-श्राविकाओं का आगमन शुरू हो गया था। इस अवसर पर रक्षाबंधन महापर्व के साथ-साथ 1008 तीर्थंकर भगवान श्रेयांसनाथ के मोक्ष कल्याणक की खुशियां मनाई गईं। भगवान श्रेयांसनाथ, जैन धर्म के ग्यारहवें तीर्थंकर, के मोक्ष कल्याणक के उपलक्ष्य में श्रावकों ने भक्ति और श्रद्धा के साथ पूजन और विधान में हिस्सा लिया। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर सभी ने जिनालयों और चैत्यालयों में रक्षा सूत्र बांधकर परम पवित्र जिनशासन और साधर्मियों की रक्षा का संकल्प लिया।

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आयोजन का विवरण
कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण और मां सरस्वती की वंदना के साथ हुई। इसके बाद श्री आदिनाथ भगवान और भगवान श्रेयांसनाथ के समक्ष अभिषेक, पूजन, और आरती की गई। मंडल के मंत्री अशोक जैन, अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन के सचिव दीपक राज जैन, पंडित ऋषभ शास्त्री, वर्धमान जैन, सचिन जैन, सिद्धांत जैन सहित अन्य जैन बंधुओं ने मंगलगान प्रस्तुत किए, जिसने सभागार को भक्ति के रंग में रंग दिया। श्रावक-श्राविकाओं ने रक्षा सूत्र बांधकर एक-दूसरे के प्रति प्रेम, विश्वास, और सुरक्षा की भावना को मजबूत किया।
रक्षाबंधन और मोक्ष कल्याणक का महत्व
रक्षाबंधन का यह पर्व जैन समाज में न केवल भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक है, बल्कि यह जिनशासन की रक्षा और धर्म के प्रति समर्पण का भी संदेश देता है। इस अवसर पर श्रावकों ने भगवान श्रेयांसनाथ के मोक्ष कल्याणक को याद करते हुए उनके जीवन और शिक्षाओं से प्रेरणा ली। भगवान श्रेयांसनाथ का मोक्ष कल्याणक आत्मा की शुद्धि और मोक्ष प्राप्ति के मार्ग को दर्शाता है, जो जैन धर्म के मूल सिद्धांतों—अहिंसा, सत्य, और संयम—को प्रोत्साहित करता है।

सामाजिक और आध्यात्मिक प्रभाव
इस आयोजन ने छिंदवाड़ा के जैन समाज में एकता और भक्ति की भावना को और मजबूत किया। रक्षाबंधन के साथ मोक्ष कल्याणक का संयोजन इस पर्व को और भी विशेष बना गया। स्थानीय श्रावकों ने इस आयोजन को एक आध्यात्मिक और सामाजिक मेल का प्रतीक बताया। दीपक राज जैन ने कहा, “यह आयोजन हमें जिनशासन के प्रति अपनी जिम्मेदारी और समाज के प्रति प्रेम की भावना को याद दिलाता है।” पंडित ऋषभ शास्त्री ने भगवान श्रेयांसनाथ के जीवन और उनके मोक्ष कल्याणक के महत्व पर प्रकाश डाला, जिसने श्रोताओं को गहरी प्रेरणा दी।
समुदाय की प्रतिक्रिया
छिंदवाड़ा के जैन समाज ने इस आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की। कई श्रावकों ने इसे एक यादगार और प्रेरणादायक अवसर बताया, जिसने न केवल रक्षाबंधन के पर्व को उत्साह के साथ मनाया, बल्कि भगवान श्रेयांसनाथ के मोक्ष कल्याणक के माध्यम से आध्यात्मिक जागरूकता को भी बढ़ाया। स्थानीय लोगों ने श्री दिगंबर जैन मुमुक्षु मंडल और अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन के प्रयासों की सराहना की और भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों की अपेक्षा जताई।

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आदिनाथ दिगंबर जिनालय, छिंदवाड़ा में आयोजित रक्षाबंधन पूजन और भगवान श्रेयांसनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव एक भक्ति और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण आयोजन रहा। इसने जैन समाज को एकजुट करने और जिनशासन के प्रति उनकी निष्ठा को और गहरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रक्षा सूत्र और मंगलगान के साथ यह उत्सव न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बना। यह आयोजन छिंदवाड़ा के लिए एक अविस्मरणीय क्षण रहा, जो जैन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

