अतुल्य भारत चेतना (ब्यूरो चीफ- अखिल सुर्यवंशी)
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया तहसील अंतर्गत आने वाले दुर्गम वनग्राम सोनपुर में एक शिक्षक की मानवीय पहल ने सभी का दिल जीत लिया है। शासकीय प्राथमिक शाला सोनपुर के शिक्षक श्री दिनेश कुमार चौरे ने स्कूल में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ने वाले 22 नन्हे-मुन्ने बच्चों को सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़े उपहार स्वरूप प्रदान किए। यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है और शहर से काफी दूर होने के कारण यहां भौतिक सुविधाओं की कमी है। ऐसे में ठंड के मौसम में बच्चों के लिए गर्म कपड़े एक बड़ी राहत साबित हुए।

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यह आदिवासी बहुल गांव संसाधनों के अभाव से जूझता है, जहां सर्दियों में कड़ाके की ठंड पड़ती है। शिक्षक श्री चौरे की इस पहल ने न केवल बच्चों की बुनियादी जरूरत पूरी की, बल्कि शिक्षा के प्रति उनके उत्साह को भी बढ़ावा दिया। कपड़े पाकर बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान इस नेक कार्य की सबसे बड़ी सफलता रही।
इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए शासकीय सेवक वेलफेयर सोसायटी छिंदवाड़ा के अध्यक्ष श्री सतीश गोंडाने एवं सोसायटी के सभी सदस्यों ने श्री दिनेश कुमार चौरे को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। अध्यक्ष श्री गोंडाने ने कहा, “दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में रहकर शासकीय सेवकों द्वारा की जाने वाली इस प्रकार की मानवीय सेवा समाज के लिए बड़ी प्रेरणा है। यह दर्शाता है कि सरकारी सेवा मात्र दायित्व नहीं, बल्कि संवेदना और समर्पण का माध्यम भी है। ऐसे कार्य बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं।”
शासकीय सेवक वेलफेयर सोसायटी ने बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि ऐसे सेवा कार्य आगे भी जारी रहेंगे। सोसायटी ने अन्य शासकीय सेवकों से भी अपील की कि वे इससे प्रेरणा लेकर समाज के अंतिम छोर पर खड़े लोगों तक सहयोग पहुंचाएं।
इस तरह की पहलें न केवल आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूत बनाती हैं, बल्कि समाज में संवेदना की मिसाल भी कायम करती हैं।
-शासकीय सेवक वेलफेयर सोसायटी, छिंदवाड़ा

