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Vidisha news; नटेरन में अल्पविराम कार्यक्रम पर एकदिवसीय कार्यशाला: तनाव मुक्त जीवन का संदेश, खेल गतिविधियों से कर्मचारियों को प्रेरित किया

अतुल्य भारत चेतना
ब्युरो चीफ हाकम सिंह रघुवंशी

नटेरन/विदिशा। मध्य प्रदेश सरकार के आनंद विभाग (राज्य आनंद संस्थान) और जन अभियान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में नटेरन के जनपद पंचायत सभागार में विकासखंड स्तरीय “अल्पविराम कार्यक्रम” की एकदिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कर्मचारियों और अधिकारियों को तनाव प्रबंधन, वर्क-लाइफ बैलेंस और आनंदम योजना के माध्यम से तनाव मुक्त जीवन जीने का संदेश देने पर केंद्रित था। खेल गतिविधियों के माध्यम से आयोजित इस कार्यशाला में शासन के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जो राज्य स्तर पर चल रही आनंदम योजनाओं को स्थानीय स्तर पर प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि यशपाल रघुवंशी और जनपद उपाध्यक्ष नीलेश धाकड़ ने शिरकत की।

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अल्पविराम कार्यक्रम: आनंद विभाग की पहल से तनाव प्रबंधन का नया आयाम

मध्य प्रदेश सरकार का आनंद विभाग, जो 2023 में स्थापित राज्य आनंद संस्थान के माध्यम से कार्यरत है, “अल्पविराम” को एक अनूठी पहल के रूप में चला रहा है। यह कार्यक्रम कर्मचारियों को कार्यस्थल पर तनाव से निपटने के लिए व्यावहारिक कौशल प्रदान करता है, जिसमें वर्क-लाइफ बैलेंस, सकारात्मक सोच और खेल-आधारित गतिविधियां शामिल हैं। जन अभियान परिषद के सहयोग से आयोजित यह कार्यशाला ग्रामीण विकास को आनंदम योजना से जोड़ने का प्रयास है, जो ग्राम स्तर पर प्रस्फुटन समितियों के माध्यम से सकारात्मकता फैलाने पर जोर देती है। हाल ही में सागर, देवरी, खरगोन और ब्यावरा जैसे जिलों में इसी तरह के आयोजन हो चुके हैं, जहां सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया।

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कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शासन के अधिकारियों-कर्मचारियों को तनाव मुक्त रखकर उनकी उत्पादकता बढ़ाना था। कार्यक्रम में जनपद पंचायत, तहसील, पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग तथा सामाजिक न्याय विभाग के करीब 100 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्य अतिथि यशपाल रघुवंशी ने उद्घाटन सत्र में कहा, “आनंदम योजना न केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम है, बल्कि समाज के समग्र कल्याण का आधार भी है। ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।”

प्रेरणादायक सत्र: वर्क-लाइफ बैलेंस और खेल गतिविधियों से तनाव प्रबंधन

कार्यशाला के प्रमुख सत्रों में आनंदम प्रशिक्षक संजय श्रीवास्तव ने “वर्क लाइफ बैलेंस” पर प्रेरणादायक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ में तनाव एक सामान्य समस्या है, लेकिन सही संतुलन से इसे प्रबंधित किया जा सकता है। श्रीवास्तव ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से कहा, “कार्य और जीवन के बीच संतुलन बनाना आनंद का मूल मंत्र है। छोटे-छोटे बदलाव जैसे नियमित व्यायाम और ध्यान से हम तनाव को दूर कर सकते हैं।”

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वहीं, आनंदम प्रशिक्षक श्रीमती अंजना श्रीवास्तव ने खेल गतिविधियों के माध्यम से तनाव मुक्त रहने की कला सिखाई। प्रतिभागियों को ग्रुप गेम्स, योगासन और रिलैक्सेशन एक्सरसाइज के जरिए व्यस्त रखा गया। उन्होंने कहा, “खेल न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि तनाव को दूर करने का सबसे प्रभावी तरीका भी। ये गतिविधियां हमें जीवन की चुनौतियों से निपटने की ऊर्जा प्रदान करती हैं।” सत्रों में केस स्टडी और समूह चर्चाओं का समावेश था, जिससे प्रतिभागी अपने अनुभव साझा कर सके।

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जिला समन्वयक पूजा श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा, “जन अभियान परिषद की ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियां आनंदम योजनाओं को ग्राम स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ये समितियां ग्रामीणों को तनाव प्रबंधन और सकारात्मक जीवनशैली से जोड़ रही हैं, जो विकास की नींव मजबूत करती हैं।” जनपद उपाध्यक्ष नीलेश धाकड़ ने आह्वान किया, “ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रमों में अधिकाधिक सहभागिता करें। ये न केवल व्यक्तिगत विकास करते हैं, बल्कि सामूहिक समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।”

समापन और सम्मान: प्रमाण पत्र वितरण से उत्साह का संचार

कार्यशाला का समापन अतिथियों द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित करने के साथ हुआ। इस अवसर पर ब्लॉक समन्वयक भीकम सिंह दांगी ने आभार प्रदर्शन किया, कहा, “यह कार्यक्रम आनंद विभाग और जन अभियान परिषद की संयुक्त पहल का उत्कृष्ट उदाहरण है। हम आभारी हैं कि नटेरन जैसे क्षेत्र में यह संभव हो सका।” कार्यक्रम में एम.के. सोनी, एपीओ अर्चना सिंह, उपयंत्री राघवेंद्र अष्टपुत्रे, लाखन सिंह रघुवंशी, मनीष तिवारी, अभिषेक रघुवंशी, अभिषेक शर्मा, बाबूलाल धाकड़, राधेश्याम यादव, अभिनाश कुशवाह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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प्रभाव और भविष्य की योजनाएं

यह कार्यशाला नटेरन विकासखंड में आनंदम योजना को मजबूत बनाने का एक कदम साबित हुई। प्रतिभागियों ने इसे उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उनकी कार्य क्षमता में वृद्धि होगी। आनंद विभाग ने घोषणा की कि आने वाले महीनों में जिले के अन्य ब्लॉकों में भी इसी तरह के आयोजन किए जाएंगे, जिसमें ग्रामीण प्रस्फुटन समितियों को शामिल किया जाएगा। यह पहल मध्य प्रदेश को “हैप्पीनेस स्टेट” बनाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय जन अभियान परिषद कार्यालय या आनंद विभाग की वेबसाइट anandsansthanmp.in से संपर्क किया जा सकता है।

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News Desk

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