अतुल्य भारत चेतना
बाबू लाल कुमावत
जयपुर। राजकीय आयुर्वेद औषधालय ,भैंसावा जयपुर ब के परिचारक हनुमान लाल देवत के सेवानिवृति कार्यक्रम के दौरान जयपुर ब आयुर्वेद उपनिदेशक डॉ. कैलाश शर्मा ने बताया की व्यक्ति की पहचान उसके कर्मों से होती है तथा उसको उसके सेवा, व्यवहार से ही जाना जाता है

इसे भी पढ़ें (Read Also): Rupaidiha news; रुपईडीहा में देहात इंडिया संस्था की धर्मगुरुओं के साथ बैठक, बाल विवाह रोकने पर जोर
अतः अपने कों जों जिम्मेदारी मिलती है उसकी पालना हमेशा ईमानदारी से होनी चईये और आयुर्वेद की सेवा को लगातार बढ़ाते रहना चाहिए ओर योग एवं आयुर्वेद के द्वारा आसानी से असाध्य रोगों का इलाज संभव है अतः इस आयुर्वेद की पहल को हमें लगातार आगे बढ़ाने का कार्य करते रहना चाहिए इस अवसर भैंसावा आयुर्वेद चिकित्साधिकारी एवं प्रभारी डॉ. मुकेश शर्मा ने बताया की हनुमान लाल देवत जी ने अपनी सेवाओं का निर्वहन बड़ी ईमानदारी, कर्तव्य निष्ठा के साथ किया है इनको जो भी कार्य मिलता था वह कार्य समय से पूर्ण कर लेते थे वह किसी भी कार्य के लिए मना नहीं करते हैं

भैंसावा आयुर्वेद औषधालय परिवार उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता है एवं सेवानिवृति पर मंगलकामना करते है इस अवसर पर आयुर्वेद कंपाउंडर नानग राम बंसीवाल ने बताया कि यह उच्च व्यक्तित्व के धनी थे ओर सादा जीवन, उच्च विचार की भावना के साथ अपना कार्य समय पर करते थे

इनकी कमी हमें हमेशा खलकेगी सभी के दिलों में बसे परिचारक हनुमान लाल देवत स्वाभिमानी, नरम दिल, बहादुर, शांत, आशावादी, ईमानदार , सदैव प्रसन्न रहना आदि गुणों से युक्त नेक इंसान है इनके कार्यकाल के दौरान हमें काफी कुछ सीखने को मिला है एवं उनके द्वारा साझा किए गए अनुभव से हमें जीवन आगे बढ़ने का सबल प्राप्त हुवा है

जिनकी कमी आयुर्वेद औषधालय को सदैव खलकती रहेगी इस अवसर आयुर्वेद सहनिदेशक अंशुमान जी चतुर्वेदी , महिला योग प्रशिक्षक अनीता पुनिया, योगाचार्य बाबू लाल कुमावत एवं सांभर ब्लॉक के सभी आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी एवं कंपाउंडर एवं समस्त ग्रामवासी मौजूद रहे।
subscribe our YouTube channel

