जनगणना 2027 की तैयारियां शुरू: छत्रपति संभाजीनगर में कर्मचारियों का प्रशिक्षण, पूरी तरह डिजिटल होगी गणना
राष्ट्रीय दायित्व निभाएं – जिलाधिकारी स्वामी का आह्वान; जनगणना 2027 का पहला प्रशिक्षण शुरू
जनगणना 2027: दो चरणों में होगी प्रक्रिया, अप्रैल 2026 से शुरू होगा हाउस लिस्टिंग कार्य
दिलीप स्वामी बोले – जनगणना से बनेगा विकास का मजबूत आधार; प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
छत्रपति संभाजीनगर तैयार: जनगणना 2027 के लिए कर्मचारियों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित
अतुल्य भारत चेतना (अखलाख देशमुख)
छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद)। जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने जनगणना 2027 को एक राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए सभी कर्मचारियों से कर्तव्य भावना के साथ इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने का आवाहन किया है। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
जिलाधिकारी कार्यालय में आज जनगणना 2027 के पहले चरण के अंतर्गत घर-सूची (हाउस लिस्टिंग) तैयार करने और गणना गट (ब्लॉक) निर्माण संबंधी विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में जिलाधिकारी कार्यालय, विभिन्न शासकीय विभागों, नगरपालिकाओं तथा तहसील कार्यालयों के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रशिक्षण सत्र में मुख्य रूप से जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने कर्मचारियों को जनगणना की महत्ता, प्रक्रिया की सटीकता और गोपनीयता बनाए रखने पर जोर दिया। इस अवसर पर निवासी उपजिलाधिकारी जनार्दन विधाते, उपजिलाधिकारी (सामान्य) संगीता राठोड़, जनगणना संचालनालय के सहायक संचालक प्रविण भगत, जनगणना निरीक्षक अरुण सालगांवकर तथा विशेषज्ञ रामदास मंडाले सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सूत्रसंचालन जिलाधिकारी कार्यालय की श्रीमती उर्मिला धारुरकर ने कुशलतापूर्वक किया।
जनगणना 2027: दो चरणों में होगी प्रक्रिया
देश की आगामी जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और यह दो चरणों में पूरी की जाएगी:
- पहला चरण (हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस) — अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 के बीच इस दौरान घरों की सूची तैयार की जाएगी, उनके गणना गट (ब्लॉक) बनाए जाएंगे तथा आवासों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं (जल, बिजली, शौचालय आदि) का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। प्रत्येक राज्य/केंद्रशासित प्रदेश इस अवधि में 30 दिनों का अपना निर्धारित समय चुनकर कार्य पूरा करेगा।
- दूसरा चरण (जनसंख्या गणना) — फरवरी 2027 में इसमें प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक एवं सांस्कृतिक जानकारी एकत्र की जाएगी।
प्रमुख विशेषताएं
इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) की सुविधा उपलब्ध होगी, जिसमें वे स्वयं अपनी और परिवार की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को एक विशिष्ट पहचान क्रमांक (आईडी) प्रदान किया जाएगा।
हालांकि, स्व-गणना के बाद भी जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर भरी गई जानकारी की सत्यापन और आवश्यक सुधार करेंगे, जिससे डेटा की शुद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।
जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय कार्य को पूर्ण निष्ठा, सटीकता और गोपनीयता के साथ संपन्न करें, ताकि प्राप्त आंकड़े देश के विकास योजनाओं के लिए मजबूत आधार प्रदान कर सकें।
यह प्रशिक्षण जनगणना 2027 की तैयारियों की दिशा में छत्रपति संभाजीनगर जिले की महत्वपूर्ण पहल है, जो समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरे होने की ओर अग्रसर है।

