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डिजिटल अरेस्ट का बढ़ता खतरा: कुमाऊं में 70 प्लस बुजुर्ग बने निशाना, मोबाइल सेटिंग बदलकर ऐसे करें बचाव

रुद्रपुर/कुमाऊं – अगर आपके घर में बुजुर्ग मोबाइल फोन का उपयोग कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। कुमाऊं मंडल में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध, खासकर डिजिटल अरेस्ट के मामलों में बुजुर्गों को निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार डिजिटल अरेस्ट का शिकार हुए अधिकांश लोगों की उम्र 70 वर्ष से अधिक है। बीते दो वर्षों में कुमाऊं मंडल में 30 से ज्यादा लोग डिजिटल अरेस्ट की ठगी का शिकार हो चुके हैं और करोड़ों रुपये गंवा बैठे हैं।

पुलिस के अनुसार डिजिटल अरेस्ट का शिकार होने वालों में अधिकांश ऐसे लोग हैं जो अकेले रहते हैं और कभी सरकारी पदों पर आसीन रह चुके हैं। साइबर ठग खुद को सीबीआई, पुलिस या अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल या फोन के जरिए लोगों को डराते हैं और मानसिक दबाव बनाकर पैसे ऐंठ लेते हैं।

हाल ही में अल्मोड़ा की एक रिटायर्ड प्रोफेसर को 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर ठगों ने 18.80 लाख रुपये की ठगी कर ली। ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़, चंपावत और अल्मोड़ा—कुमाऊं का शायद ही कोई जिला बचा हो जहां डिजिटल अरेस्ट या साइबर ठगी का मामला सामने न आया हो।

इन बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस अब सोशल मीडिया के माध्यम से रोजाना लोगों को जागरूक कर रही है। पिथौरागढ़ पुलिस में तैनात इंस्पेक्टर नीरज भाकुनी ने डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी से बचाव के आसान तरीके बताए हैं, जिन्हें आधिकारिक स्तर पर सराहा जा रहा है। उनका जागरूकता वीडियो सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है और लोग इसे तेजी से शेयर भी कर रहे हैं।

अनजान कॉल रोकने का आसान तरीका

इंस्पेक्टर नीरज भाकुनी के अनुसार मोबाइल फोन की कुछ सेटिंग बदलकर साइबर ठगी से काफी हद तक बचा जा सकता है—

मोबाइल की स्क्रीन पर डायलर पैड ओपन करें

ऊपर दाईं ओर दिए गए तीन डॉट्स पर क्लिक करें

सेटिंग में जाकर कॉलर आईडी और स्पैम प्रोटेक्शन को ऑन करें

इसके बाद ब्लॉक ऑप्शन में जाकर अननोन कॉलर्स को ब्लॉक कर दें

यह तरीका खासतौर पर उन घरों में उपयोगी है जहां बुजुर्ग अकेले रहते हैं, ताकि कोई अनजान नंबर उन्हें कॉल न कर सके।

व्हाट्सएप पर ऐसे करें बचाव

व्हाट्सएप पर भी साइबर ठग सक्रिय हैं। इससे बचने के लिए—

व्हाट्सएप की सेटिंग में जाएं

साइलेंस अननोन कॉलर ऑप्शन को ऑन करें

एडवांस सेटिंग में जाकर ब्लॉक अननोन अकाउंट मैसेज को क्लिक करें

इससे फर्जी कॉल, स्पैम मैसेज और अनजान नंबरों से आने वाले संदेश अपने आप ब्लॉक हो जाएंगे।

(नोट: ठगी से बचाव की यह जानकारी पुलिस विभाग के इंस्पेक्टर नीरज भाकुनी द्वारा दी गई है।)

साइबर ठगी होने पर क्या करें

यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो तुरंत—

112 डायल कर पुलिस से संपर्क करें

या cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं

आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए पुलिस लगातार लोगों को जागरूक कर रही है। पिथौरागढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर द्वारा किया जा रहा प्रयास सराहनीय है और सभी पुलिसकर्मियों को इस दिशा में आगे आकर जनता को जागरूक करना चाहिए।

पुलिस की अपील है कि बुजुर्गों को डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी के तरीकों के बारे में जरूर जानकारी दें और उनके मोबाइल की सुरक्षा सेटिंग समय रहते अपडेट कर दें, ताकि वे साइबर अपराधियों के जाल में न फंसें।

Author Photo

उपेन्द्र सिंह

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