मुखबिर से मिली सूचना, ऑपरेशन एंटीवायरस 2.0′ के तहत पुलिस को मिली सफलता
संवाददाता मनमोहन गुप्ता भरतपुर
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डीग – डीग जिले में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन सक्रिय है। इसी क्रम में, जिला पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश मीना के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन एंटीवायरस 2.0’ के तहत डीग पुलिस को सफलता मिली है। खोह थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई मेवात क्षेत्र में सक्रिय साइबर ठगों के खिलाफ की गई है। पुलिस का लक्ष्य जिले में साइबर अपराधों की कमर तोड़ना है। इस गिरफ्तारी से क्षेत्र के साइबर अपराधियों में खलबली मच गई है।
घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब खोह थाना पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली। मुखबिर ने बताया कि ग्राम हयातपुर से भौडाकी की ओर जाने वाले सुनसान कच्चे रास्ते पर कुछ युवक मोबाइल के जरिए लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बना रहे हैं।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए, एएसआई नाहरसिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई और तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। पुलिस टीम बताए गए स्थान पर पहुंची, जहां तीन युवक मोबाइल चलाते हुए संदिग्ध अवस्था में मिले। पुलिस की भनक लगते ही तीनों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस जाप्ते ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।
पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने अपनी पहचान गफ्फार पुत्र इकबाल (27, निवासी डिगचौली), तारिफ पुत्र सुफेदा (25, निवासी हिंगोटा) और साहिल पुत्र रशीद (19, निवासी कावानकावास) के रूप में बताई।
पुलिस द्वारा ली गई जामा तलाशी में इन तीनों के कब्जे से साइबर ठगी में प्रयुक्त होने वाले तीन एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि ये आरोपी फर्जी मोबाइल नंबरों और विभिन्न डिजिटल हथकंडों के माध्यम से आमजन के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी कर रहे थे।
पुलिस ने गफ्फार, तारिफ और साहिल को मौके पर ही गिरफ्तार कर उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। पुलिस अब इन आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इनके गिरोह के अन्य सदस्यों और अब तक की गई ठगी के नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। डीग पुलिस की यह प्रभावी कार्रवाई क्षेत्र में सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

