भारत के वैभव के लिए संगठित समाज आज की आवश्यकता:-स्वामी परमात्मानंद जी महराज
==========================
रतनपुर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर श्री राम बस्ती रतनपुर में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया इस सम्मेलन में भक्ति संस्कृति एवं सनातन संस्कृति का वैभव देखने एवं सुनने को मिला।
इस सम्मेलन के माध्यम से समाज मे भारतीय संस्कृति के वैभव एवं उनके दीर्घ समृद्ध सामाजिक समरसता का भाव जागृत करने के उद्देश्य से सम्मेलन के मुख्य अतिथि परम श्रद्धेय स्वामी परमात्मानंद गिरी जी महाराज पूर्व अध्यक्ष संस्कृत बोर्ड छत्तीसगढ़ एवं विशेष वक्ता के रूप में पूर्णेन्दु भट्ट जिला संपर्क प्रमुख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बिलासपुर एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता एवं गायत्री परिवार के श्री दुखीराम सोनी जी उपस्थित रहे हिंदू सम्मेलन के संयोजक श्री अनिल चंदेल जी ने मंचस्थ अतिथियों का तिलक वंदन करके स्वागत किया तत्पश्चात हिंदू सम्मेलन की आवश्यकता क्यों इस विषय पर प्रस्तावना को प्रस्तुत करते हुए विभाग सह कार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बिलासपुर माननीय संतोष यादव ने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर समाज में छोटे-छोटे कार्यक्रम के माध्यम से प्रत्येक हिंदू व्यक्ति तक पहुंच बनाने के उद्देश्य से यह विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन रतनपुर के तीन बस्तियों में आयोजित किया गया है जिसका यह दूसरा कार्यक्रम है जिसके सम्मानित वक्तागण हम सबको अपने उद्बोधन के माध्यम से सामाजिक समरसता का संदेश देंगे।इस अवसर पर विशेष वक्ता श्री पूर्णेन्दु भट्ट ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को एक सूत्र में बंधना होगा समाज के एकता एवं आने वाली चुनौतियों से सामना करने का बल हम सबको पंच परिवर्तन के माध्यम से प्राप्त होगा।
वर्तमान में अनेक प्रकार की सामाजिक चुनौतियां हमारे सामने है जिसमें धर्मांतरण एवं लवजिहाद जैसे संवेदनशील मुद्दे हैं जो भारतीय जनमानस के लिए घातक है। जिसके लिए हम सबको संगठित और आत्मनिर्भर होकर एकता के सूत्र में बंधना होगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि परम श्रद्धेय स्वामी परमात्मानंद जी महाराज ने कहा कि भारत की संस्कृति एवं भारत का वैभव हर युगों मे समृद्ध रहा
है फिर भी हम विदेशी शक्तियो के कुचक्र मे फंसकर अपने सनातन संस्कृति को भुलते

इसे भी पढ़ें (Read Also): रियल पब्लिक स्कूल ने मनाया होली मिलन समारोह
जा रहे हैं ऐसे में हम सब की आवश्यकता है कि हम अपने भारत की संस्कृति को जाने पहचाने और उसके अनुसार अपने जीवन के प्रत्येक क्षण को भारत के विकास के लिए लगाए यदि हम आपस मे बैर रखेंगे तो याद रखना बटेंगे तो कटेंगे जरूर, जात पात का बंधन मनुष्यता के लिये खतरा है जिससे हमारे भारत का वैभव बिखर जाएगा।
इसलिए आज आवश्यकता है कि हमे अपने जात-पात के द्वेष को भुलाकर के प्रत्येक व्यक्ति के मन में ये भाव हो की वो भारत माता की संतान है भारत माता की जय हो, भारत माता का गुणगान हो यही हम सब का उद्देश्य होना चाहिए भारत को परम वैभव के शिखर पर ले जाने के लिए प्रत्येक हिंदू को प्रत्येक सनातनी को अपने संस्कारों को अपने बच्चों के माध्यम से समाज को दिखाना होगा।
इस अवसर पर नगर पालिका परिषद रतनपुर के सम्माननीय अध्यक्ष लवकुश कश्यप जी पंडित आनंद नगरकर उपाध्यक्ष श्रीमती बिनु निराला, अनिल शर्मा, रोहिणी बैसवाडे,सुरेश कश्यप ज्ञानेंद्र कश्यप, कीर्ति कहरा, रामदास गुप्ता, रविंद्र सोनी, शिवांशु सोनी, विनय पांडे श्री लक्ष्मी प्रसाद कश्यप, प्रमोद कश्यप, अनिल तंबोली,
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विस्तारक
भागवत जी सहित बड़ी संख्या में सनातनी बंधु भगिनी उपस्थित रहे भारत माता की आरती एवं कल्याण मंत्र सर्वे भवंतु सुखिनः की समवेत गायन से कार्यक्रम का समापन हुआ

