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एसपी मनोहर सिंह मंडलोई ने दिए बच्चों के ऑनलाइन गेम खेलने से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाव हेतु साइबर सुरक्षा टिप्स

नववर्ष 2026 : सुरक्षित डिजिटल भविष्य की ओर एक कदम

अतुल्य भारत चेतना

संवाददाता- जावेद अली 

 

टीकमगढ़। पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई* द्वारा टीकमगढ़ जिले में साइबर क्राइम से बचाव हेतु जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है साथ ही बचाव एवं सावधानियों से अपडेट रखने हेतु समय समय पर एडवाइजरी जारी की जाती है ।इसी क्रम में आज नव वर्ष पर अभिभावकों एवं युवाओं हेतु साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की जा रही है अपेक्षा है कि आप सभी इसमें बताए उपायों को अपनाकर सुरक्षित रहेंगे ।वर्तमान समय में बच्चों में ऑनलाइन गेम खेलने की आदत तेजी से बढ़ रही है। कई ऑनलाइन गेम्स में आगे बढ़ने, नए लेवल, अवतार, हथियार या अन्य सुविधाएँ प्राप्त करने के लिए पैसे खर्च करने पड़ते हैं। कई बार बच्चे माता-पिता के मोबाइल, डेबिट/क्रेडिट कार्ड अथवा ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग कर अनजाने में या जानकारी के अभाव में भुगतान कर देते हैं, जिससे परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।साइबर अपराध की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) ऑनलाइन गेम खेलते समय बच्चे ऐसे लोगों के संपर्क में आ जाते हैं जो उन्हें गेम में आगे बढ़ने के आसान तरीके बताते हैं। इसके लिए बच्चों से ऑनलाइन भुगतान करवाया जाता है। कई मामलों में बैंक कार्ड व मोबाइल में पेमेंट डिटेल्स सेव हो जाती हैं, जिससे केवल ओटीपी के माध्यम से ट्रांजेक्शन हो जाता है। बच्चे अक्सर ओटीपी मैसेज डिलीट कर देते हैं और जब तक माता-पिता को जानकारी मिलती है, तब तक खाते से हजारों या लाखों रुपये निकल चुके होते हैं। कई बार बच्चे मानसिक दबाव में आकर गलत कदम भी उठा लेते हैं।सावधानियाँ एवं आवश्यक सुझाव संभव हो तो बच्चों को मोबाइल फोन न दें। यदि पढ़ाई के लिए मोबाइल देना आवश्यक हो, तो बिना सिम कार्ड का मोबाइल दें और वाई-फाई के माध्यम से इंटरनेट का सीमित उपयोग कराएँ।बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखें। मोबाइल में पैरेंटल कंट्रोल का उपयोग करें।अपने मोबाइल, बैंकिंग ऐप, डेबिट/क्रेडिट कार्ड की जानकारी एवं पासवर्ड बच्चों से साझा न करें।बच्चों को मोबाइल चलाने की अनुमति देते समय किसी भी प्रकार के ऑनलाइन भुगतान, रिचार्ज या बिल पेमेंट की अनुमति न दें।यदि आपके बैंक खाते से अचानक पैसे कटने का मैसेज न आए या संदेह हो, तो तुरंत बच्चों व परिवार से जानकारी लें।साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराएँ या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल अथवा *टोल फ्री नंबर 1930* पर संपर्क करें।

आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।आइए, हम सभी मिलकर बच्चों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण प्रदान करें।

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न्यूज डेस्क मध्य प्रदेश

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