अतुल्य भारत चेतना
संवाददाता: विश्वजीत गगन मिश्रा
इसे भी पढ़ें (Read Also): ग्राम पंचायत बुधोर और पड़रिया जागीर पहुंची विकसित भारत संकल्प यात्रा :-
लखीमपुर खीरी। शारदा नदी में कराई गई ड्रेजिंग को लेकर उठे सवालों के बीच हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त माननीय मुख्य न्यायाधीश ए. आर. मसूदी ने गुरुवार को स्थलीय निरीक्षण किया। यह निरीक्षण शारदा नदी में लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए ड्रेजिंग कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता की जांच के उद्देश्य से किया गया।
गौरतलब है कि पलिया और निघासन तहसील क्षेत्र दशकों से भीषण बाढ़ की मार झेलते आ रहे हैं। हर साल बाढ़ से जन-धन की भारी क्षति होती रही है। इसी गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्र के समाजसेवी राजेश भारती ने सरकार के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय में रिट याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए सरकार से इस संबंध में विस्तृत जवाब तलब किया था।
न्यायालय के निर्देशों के बाद सरकार ने आनन-फानन में शारदा नदी में 23 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेजिंग योजना पर कार्य कराया। हालांकि, ड्रेजिंग कार्य में लापरवाही और मानकों की अनदेखी के आरोप सामने आए, जिसके बाद समाजसेवी राजेश भारती ने एक बार फिर माननीय न्यायालय में जवाबी हलफनामा दाखिल करते हुए सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की अध्यक्षता में जांच समिति गठित कर ड्रेजिंग कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
इसी क्रम में माननीय सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश ए. आर. मसूदी ने मौके पर पहुंचकर शारदा नदी में कराए गए ड्रेजिंग कार्यों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। स्थानीय लोगों में इस निरीक्षण को लेकर न्याय की उम्मीद जगी है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और आगे की न्यायिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

